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आसमान छूने लगे सब्जियों के दाम
- कई सब्जियां 50 से 60 रुपए किलो तक पहुंचीं, रसोई पर बड़ा बोझ
माई सिटी रिपोर्टर
गाजियाबाद। सब्जियों के दामों में बढ़ोत्तरी लोगों की रसोई का बोझ बढ़ गया है। थोक कारोबारियों का कहना है कि लगातार बारिश के चलते बाजार में नई फसल नहीं आ पा रही है। ऐसे में नई फसल आने तक दाम बढ़े रहने की संभावना है। थोक कारोबारियों का कहना है कि सब्जियों में महंगाई महीने भर रह सकती है।
पिछले 10 दिनों में सब्जियों के रेट 20 से 25 रुपये तक बढ़ गए। टमाटर फुटकर बाजार में 60 रुपये तक बिक रहा है। मंडी में टमाटर के रेट 40 रुपए से 50 रुपए किलो तक हैं। फुटकर में यह 50 से 60 रुपए प्रति किलो तक बिक रहा है। अन्य हरी सब्जियों के रेट भी बढ़े हुए हैं। खास कर सब्जी और दाल में प्रयोग होने वाला हर धनिया 300 रुपए किलो तक पहुंच गया है।
थोक कारोबारी ऋषिपाल ने बताया कि बारिश का सीजन और लोकल सब्जी न होने से सब्जियों के रेट बढ़ गए हैं। अधिकांश सब्जियां अन्य शहरों से भी आ रही हैं, जहां से बढ़े हुए रेट पर मंडी में सब्जियों की आवक है।
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फुटकर में सब्जियों के रेट:
सब्जी- रुपये प्रति किलो
टमाटर- 70
आलू- 30 से 35
अरबी- 60
लौकी- 60
तोरई- 40
प्याज- 20
बैंगन- 60
गोभी- 80
धनिया- 300
अदरक- 200
बीन्स- 60
पत्ता गोभी- 60
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क्या कहते हैं लोग:
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सब्जियों के बढ़ते रेट का असर रसोई पर पड़ता है। सब्जी मंडी के मुकाबले फुटकर दुकानदार अधिक दाम बढ़ा देते हैं।
- रोशन लाल
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गली-मोहल्लों में सब्जी बेचने वाले मंडी से सब्जी लेकर सीधे 10 से 15 रुपए तेज बेचते हैं। ऐसे में करीब 20 रुपए महंगी सब्जी खरीदनी पड़ती है।
- शिव कुमार
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मंडी के मुकाबले गलियों और मोहल्लों में सब्जी तेज बिक रही है। थोक में दाम बढ़ने से फुटकर विक्रेता महंगी सब्जी बेच रहे हैं।
- अंकित
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कई सब्जी बाहर से आ रही हैं। बारिश से नई फसल को भी कई नुकसान हुआ है। अभी महीने भर रेट ओर बढ़ सकते हैं।
- मुकेश प्रजापति, सब्जी विक्रेता