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गाजियाबाद: कार में पड़ा मिला कारोबारी का शव, हत्या की जताई आशंका

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कार में पड़ा मिला कारोबारी का शव, हत्या की जताई आशंका
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वैशाली। वसुंधरा सेक्टर-13 निवासी कारोबारी हर्षवर्धन का शव वैशाली सेक्टर-छह के आरोग्य अस्पताल के पास उनकी कार में मिला है। पुलिस को शक है कि पारिवारिक कलह में उन्होंने कोई जहरीला पदार्थ खा लिया होगा। वहीं, परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है। शरीर पर चोट के कोई निशान नहीं मिले हैं। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारण का पता चल सकेगा।
वैशाली सेक्टर-छह में आरोग्य अस्पताल के गार्ड को सुबह करीब नौ बजे गेट के सामने एक सिल्वर रंग की स्विफ्ट कार खड़ी मिली। उन्होंने पास जाकर देखा तो एक युवक ड्राइवर सीट पर पड़ा था। उसके मुंह से झाग निकल रहे थे। जब चालक की कोई हलचल नजर नहीं आई तो अस्पताल के सुरक्षा गार्ड ने मामले की जानकारी तुरंत रामप्रस्थ पुलिस चौकी में दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और कार का दरवाजा खोला तो पता चला कि कार का लॉक खुला हुआ था। उसका शरीर नीला पड़ा था। इसके बाद पुलिस ने फॉरेसिंक टीम बुलाई और मौके से साक्ष्य एकत्र कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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कार के नंबर से पुलिस ने की पहचानने की कोशिश
पुलिस का कहना है कि युवक की पहचान करने के लिए कार में मोबाइल फोन देखा तो नहीं मिला। इसके बाद कुछ और दस्तावेज देखने की कोशिश की तो वो भी कुछ काम न आ सके। इसके बाद पुलिस ने कार का नंबर ट्रेस कर जांच की तो उनका पता दिल्ली के किशनगंज का निकला। पुलिस इस पते पर पहुंचकर शव की तस्वीर लोगों को दिखाई तो उसकी पहचान शालीमार गार्डन निवासी हर्षवर्धन के रूप में हुई। इसके बाद पुलिस ने शालीमार गार्डन के पते को निकाला और उनके पिता सर्वेश प्रसाद को इसकी जानकारी दी। पिता ने मौके पर पहुंचकर शव की शिनाख्त की। इंदिरापुरम के सहायक पुलिस आयुक्त स्वतंत्र कुमार सिंह का कहना है कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं मृतक के शरीर पर चोट के निशान नहीं है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारण स्पष्ट हो सकेंगे।
पत्नी ने जताई हत्या की आशंका, नहीं दी कोई तहरीर
सूचना के बाद पत्नी पूनम राघव और दोनों बेटे भी मौके पर पहुंचे और हर्षवर्धन को देखकर रोने लगीं। पुलिस का कहना है कि उनकी पत्नी ने हत्या की आशंका जताई है। हालांकि अभी तक कोई तहरीर नहीं मिली है।
बृहस्पतिवार रात को घर से निकले थे कारोबारी
सर्वेश प्रसाद ने बताया कि हर्षवर्धन (40) अपनी पत्नी पूनम राघव और दो बच्चों के साथ वसुंधरा सेक्टर-13 में रहते थे। परिवार मूलरूप से उत्तराखंड के कर्णप्रयाग रतोड़ा का है। वह शिपिंग कारोबारी थे। बृहस्पतिवार रात से ही अपने घर से निकले थे। इसके बाद से उनका कुछ पता नहीं था और न ही परिवार वालों की तरफ से कोई जानकारी दी गई। वह अपने फोन भी घर ही छोड़कर निकले थे।
इस एंगल पर कर रही पुलिस काम
इंदिरापुरम थाना पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह बात निकलकर आई है कि हर्षवर्धन अपना फोन घर छोड़कर बृहस्पतिवार रात आठ निकले थे, लेकिन परिजनों ने 12-13 घंटे बीतने के बाद भी पुलिस को कोई शिकायत नहीं। अस्पताल के पास कार में शव मिलना, मुंह से झाग आना और शरीर पर किसी भी प्रकार की चोट न मिलना। इन सब पहलुओं को ध्यान में रखते हुए पुलिस यह मान रही है कि युवक ने पारिवारिक झगड़े में जहरीला पदार्थ खाया होगा और अपनी जान बचाने के लिए अस्पताल की तरफ भागा और अस्पताल के गेट तक पहुंचने से पहले ही कार के अंदर उनकी मौत हो गई।
सीसीटीवी फुटेज की कर रही जांच
इंदिरापुरम पुलिस वसुंधरा सेक्टर-13 से लेकर आरोग्य अस्पताल के बीच आने वाले सभी सीसीटीवी कैमरों की जांच कर रही है। अभी तक ऐसा कोई फुटेज नहीं मिला है, जिसमें हर्षवर्धन की कार दिखी हो। वहीं जहां पर कारोबारी की कार मिली है। वहां तक अस्पताल का कैमरा नहीं पहुंच पाया।
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300 मीटर के दायरे में है पुलिस चौकी
आरोग्य अस्पताल से रामप्रस्थ अस्पताल का रास्ता केवल दो मिनट का है। 300 मीटर के दायरे में हर्षवर्धन का शव पड़ा रहा। मगर पुलिस को इसकी जरा भी भनक नहीं लगी।
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