अचानक सीने में उठा था दर्द
चौकी से बाहर निकलकर धर्मपाल ने उससे बताया कि अचानक सीने में उठे दर्द से तबीयत बिगड़ रही है। वे उसे लेकर शांति गोपाल अस्पताल भेज दिया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने धर्मपाल की जमकर पिटाई की, जिससे उसकी मौत हुई है। सोमवार सुबह लोगों के एकत्रित होने की सूचना पर इंदिरापुरम पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने की बात कही लेकिन परिजनों ने पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की बात कहकर हंगामा शुरू कर दिया।
अस्पताल के बाहर हंगामा और पुलिस से नोकझोंक
ऑटो चालक की मौत के बाद यूनियन के लोग भी अपने-अपने वाहनों को लेकर पहुंच गए। अस्पताल के बाहर भारी संख्या में पहुंचे चालकों ने सुबज आठ बजे सड़क पर ऑटो लगाकर जाम लगा दिया और नारेबाजी की। हंगामा बढ़ने पर कौशांबी, साहिबाबाद और लिंकरोड थाने से पुलिस फोर्स बुलाया गया। दोपहर करीब ढाई बजे डीसीपी ट्रांस हिंडन डॉ. दीक्षा शर्मा मौके पर पहुंची और लोगों को समझाने का प्रयास किया। हालांकि, गुस्साए लोगों ने पुलिस की नहीं सुनी और प्रदर्शन जारी रखा। शाम करीब छह बजे के बाद पुलिस ने शव का पंचनामा भर कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा
परिजनों के सुपुर्द किया था
डीसीपी ट्रांस हिंडन डॉ. दीक्षा शर्मा ने बताया कि चालक धर्मपाल के ऑटो से साइकिल सवार टक्कर लगने से चोटिल हो गए थे। अस्पताल में चेकअप कराने के बाद दोनों युवक चले गए थे। चालक के परिजनों को बुलाकर उसे भी सुपुर्द कर दिया था। उसके साथ मारपीट के आरोप बेबुनियाद हैं। युवक को रात करीब साढ़े 11 बजे छोड़ दिया गया था।
तीन बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
कासगंज के थाना अमापुर क्षेत्र के गांव नगला बांस में रहने वाले धर्मपाल यहां किराये पर रहता था। उसके परिवार में पत्नी पूनन, बेटी कामना (सात), तनु (छह) व बेटा रिषभ (तीन) हैं। धर्मपाल की मौत से तीन बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया। परिजनों ने पुलिस से सवाल किया कि धर्मपाल के परिवार का पोषण अब कैसे होगा?
3500 रुपये में हुआ समझौता फिर भी पुलिसवालों ने पीटा
चचेरे भाई मुरारी का आरोप है कि साइकिल सवार युवकों को चोट लगने के बाद पुलिस ने उन्हें 3500 रुपये दिलवाकर समझौता करा दिया था बावजूद इसके कनावनी चौकी इंचार्ज और अन्य पुलिसकर्मियों ने धर्मपाल को जमकर पीटा। घटना की रिकार्डिंग अस्पताल के सीसीटीवी में कैद हुई है। मुरारी ने घटना के बाद कनावनी चौकी इंचार्ज और तीन पुलिसकर्मियों के खिलाफ इंदिरापुरम कोतवाली पुलिस को तहरीर दी। इस पर रात दस बजे कनावनी चौकी इंचार्ज अमित कुमार, सिपाही रविंद्र कुमार और दो अज्ञात सिपाहियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की धारा 304 के तहत केस दर्ज कर लिया गया।