वसुंधरा में प्रदूषण की इमरजेंसी, ग्रैप का तीसरा चरण लागू होने से निर्माण कार्य बंद
साहिबाबाद। वसुंधरा स्टेशन पर प्रदूषण की इमरजेंसी हो गई है। रविवार को यहां एक्यूआई सेवियर जोन में 411 रहा, जो गर्भवती महिलाएं, बच्चों और बुजुर्गों के लिए बेहद बेहद घातक है। वहीं, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग की सिफारिशों पर एनसीआर में ग्रैप का तीसरा चरण लागू हो गया। इसी के साथ शहर में छोटी-बड़ी एक हजार साइट पर निर्माण कार्यों पर भी पूर्ण रूप से पाबंदी लग गई है।
दिसंबर में पहली बार वसुंधरा स्टेशन पर एक्यूआई 411 पर रहा, जो लोगों के लिए चिंताजनक है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी उत्सव शर्मा का कहना है कि हवा की गति चार किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चल रही है। अगले दो-तीन दिनों तक हवा की गति इसी रफ्तार से चलने का अनुमान है। हालांकि शाम सात बजे के बाद वायुमंडल में तापमान में गिरावट होने और हवा की गति में सुधार की वजह से प्रदूषण में कमी हो रही है। वहीं, शहर का एक्यूआई 370 रहा जबकि शनिवार को यह 353 पर था। हालांकि इंदिरापुरम के एक्यूआई में 15 अंकों की कमी हुई जिसके बाद रविवार को प्रदूषण स्तर 335 रहा। लोनी का एक्यूआई भी 347 तो संजय का एक्यूआई 357 मापा गया। उधर, वायु प्रदूषण को देखते हुए ग्रैप का तीसरा चरण लागू हो गया है। सोमवार से एक हजार से ज्यादा छोटी-बड़ी निर्माणाधीन साइट पर काम नहीं होगा। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने इसे सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए हैं। वहीं, जनपद में 150 उद्योग रोस्टर के मुताबिक चलेंगे।