नाक की सर्जरी में चली गई आंख की रोशनी, दिनभर चला हंगामा
वैशाली। नाक के ऑपरेशन के बाद किशोर की एक आंख की रोशनी चले जाने पर उसके परिजनों ने अस्पताल के बाहर दिनभर हंगामा किया। चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए वे लोग धरने पर बैठ गए। अस्पताल प्रबंधन को पुलिस बुलानी पड़ी। पुलिस के समझाने पर भी वे हटे नहीं और चिकित्सक पर कार्रवाई की मांग करते रहे। मामला वैशाली के सेक्टर एक स्थित वैशाली हॉस्पिटल का है।
शाहदरा के मंडोली रोड स्थित रामनगर से आईं रीता ने बताया कि उनके इकलौते बेटे दीपांशु ( 17) के कान में दर्द रहता था। उसे मैक्स हॉस्पिटल के डॉ. राहुल अग्रवाल को दिखाया। उन्होंने कहा कि यह साइनस की समस्या है। नाक की सर्जरी होने पर दूर हो जाएगी। दूरबीन विधि से सर्जरी की जाएगी। सोमवार को सर्जरी कर दी गई। इसके बाद वह और उनके पति जब दीपांशु से मिलने पहुंचे तो उसने बायीं आंख न खुलने की परेशानी बताई। पलकें चिपक गई थीं।
काफी देर तक आंख नहीं खुली तो डॉक्टर को दिखाया। डॉक्टर ने एक और सर्जरी कर दी। इसके बाद बाईं आंख से दीपांशु को दिखना ही बंद हो गया। मंगलवार को वे लोग डॉक्टर से मिलने पहुंचे। आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने उन्हें धमकाया। कौशांबी थाना के प्रभारी प्रभात दीक्षित का कहना है कि दीपांशु के परिजनों ने तहरीर दी है। इस पर जांच की जा रही है।
जांच कराई जा रही है
मैक्स हॉस्पिटल की प्रवक्ता श्रुति का कहना है कि साइनस में गंभीर ब्लॉकेज होने के कारण सर्जरी की जरूरत थी।रोगी ने बाईं आंख में रोशनी कम होने की शिकायत की। नेत्र रोग विशेषज्ञों और ईएनटी सर्जनों से जुड़ी एक टीम ने मामले की जांच की और यथासंभव कार्य किया। जांच की जा रही है। परिजनों ने हंगामा किया तो पुलिस को बुलाया गया।
रोशनी जाने का रहता है खतरा
ईएनटी सर्जन अंकुर गुप्ता का कहना है कि स्पेनाइड साइनस में आंख की नस में चोट (ओप्टिक नर्व इंजरी) से एक आंख की रोशनी जाने का खतरा रहता है, क्योंकि आंख और नाक के बीच एक बेहद पतली झिल्ली होती है, जो सर्जरी के दौरान कट सकती है, ऐसा किसी भी सर्जन से हो सकता है। अगर सही समय पर इलाज मिल जाता है तो आंख की रोशनी नहीं जाती है।