एक कालोनी में छह साल की मासूम बच्ची से डिजिटल दुष्कर्म के आरोपी दूध सप्लायर अजय को इंदिरापुरम पुलिस ने रविवार रात पौने बारह बजे छिजारसी कट से गिरफ्तार कर लिया। वो बच्ची से दुष्कर्म के बाद अपनी ससुराल बुलंदशहर भाग गया था। मेरठ से पहले उसने अपना फोन भी बंद कर लिया था। वह दो बेटी और एक बेटे का पिता है। पुलिस अब उससे पूछताछ कर रही है।
इंदिरापुरम थाना प्रभारी देवपाल सिंह पुंडीर का कहना है कि आरोपी अजय मासूम बच्ची से डिजिटल दुष्कर्म के बाद अलग-अलग जगह पर छिप रहा था। उसने पुलिस के डर से मोबाइल फोन भी बंद कर लिया था, जिससे उसकी अंतिम लोकेशन मेरठ के आसपास की आ रही थी। उसकी तलाश के लिए पुलिस की दो टीमें जगह-जगह दबिश दे रही थी। इस बीच उसके भाई को थाने लाकर पुलिस संभावित ठिकानों के बारे में पता कर रही थी।
तभी रात करीब नौ बजे आरोपी अजय ने छोटे भाई के पास फोन किया और पुलिस की कार्रवाई के बारे में पूछने लगा। इस दौरान टीम भी उसके साथ थी। बातचीत के दौरान पुलिस ने उसकी लोकेशन का पता किया और छिजारसी के पास घेराबंदी कर ली। भाई के कहने पर ही आरोपी अजय परिवार से मिलने के लिए नोएडा के पास आया था। वहां एसओजी टीम ने उसे पकड़ लिया। टीम ने 11 घंटे में आरोपी को गिरफ्तार कर दुष्कर्म की घटना का खुलासा कर दिया।
पूछताछ में उसने बताया कि वह चार साल से इंदिरापुरम थाना क्षेत्र में दो बेटी, एक बेटा और पत्नी के साथ रहता है। परिवार का गुजर-बसर करने के लिए फ्लैटों में दूध की आपूर्ति करता है। 29 अक्तूबर की रात उसने मासूम बच्ची को कमरे में बुलाकर उसके साथ डिजिटल दुष्कर्म किया। बच्ची दर्द से रोने लगी और अपने कमरे में जाकर बेड पर लेट गई। कुछ देर बाद उसकी बड़ी बहन घर आई तो उसने भाई-बहन दोनों से दर्द की शिकायत की। सुबह ड्यूटी से मां घर पहुंची तो वह लिपट कर रोने लगी। मासूम ने मां को घटना बताई तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। आरोपी को पूछताछ के बाद अग्रिम कार्रवाई के लिए भेजा जाएगा।