मासूम से दुष्कर्म मामले में पुलिस ने तेज की जांच
साहिबाबाद। लिंक रोड क्षेत्र में रेलवे लाइन के किनारे मासूम से दुष्कर्म मामले में पुलिस खुफिया तंत्र से आरोपी तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। मामले में जांच तेज करते हुए लोगों से पूछताछ की जा रही है। फिलहाल मेरठ में अस्पताल की डॉक्टरों की टीम मासूम की लगातार निगरानी कर रही है। उसकी सर्जरी पर दो या तीन दिन में निर्णय लिया जा सकता है। बाल संरक्षण समिति ने बच्ची की देखभाल के लिए एक केयर टेकर भी नियुक्त किया है।
15 अक्तूबर को महाराजपुर की रेलवे लाइन के किनारे एक दंपती को ढाई साल की मासूम बच्ची रोती हुई मिली थी। बच्ची की हालत देखकर उन्हें शक हुआ तो तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी। पुलिस ने तत्काल बच्ची को जिला अस्पताल में भर्ती कराया और उसकी पहचान के लिए सोशल मीडिया व अन्य प्लेटफार्म पर जानकारी प्रचारित व प्रसारित की। दोपहर में जिला अस्पताल के चिकित्सकों ने बच्ची का मेडिकल कर उसे तुरंत मेरठ के हायर सेंटर में रेफर कर दिया। लिंक रोड थाने से दो महिला पुलिस कर्मियों को बच्ची के साथ ड्यूटी में तैनात किया गया जबकि बाल संरक्षण समिति से भी पूर्व में दो महिला टीमों को मेरठ भेजा गया। एसएसपी मुनिराज ने मेरठ जाकर अस्पताल में बच्ची का हाल जाना। एसपी सिटी सेकेंड ज्ञानेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि टीमों को मैनुअल जांच में भी लगाया है। सभी मुखबिरों को अलर्ट कर एक-एक रिपोर्ट देने के लिए कहा है। मासूम की मां को नोएडा के एक अपना घर एनजीओ की मदद से उपचार के लिए भेजा गया है।
बाल संरक्षण समिति ने बच्ची के रखा केयर टेकर :
बाल संरक्षण समिति के चेयरमैन जीपी भद्रादास का कहना है कि बच्ची की अस्पताल में देखरेख के लिए वेतन पर केयर टेकर रखी है। उसके अलावा चार महिलाओं की टीम की भी ड्यूटी लगी है। अभी तक बच्ची की मां या परिवार के सदस्य का कुछ पता नहीं चला है। इसके लिए अस्पताल से बच्ची की छुट्टी होने के बाद मासूम को अपने पास ही रखा जाएगा। बाद में बच्ची और उसकी मां की पहचान कराने के लिए डीएनए भी कराया जाएगा लेकिन इस बारे में पुलिस अधिकारियों के साथ निर्णय लिया जाएगा।