दुष्कर्म की शिकार मासूम की आंतों तक चोट, होगी सर्जरी
- मेरठ मेडिकल कॉलेज में चल रहा है उपचार, डीएनए परीक्षण से होगी मां की पहचान
माई सिटी रिपोर्टर
साहिबाबाद। दुष्कर्म की शिकार ढाई साल की मासूम बच्ची की तबीयत और बिगड़ गई है। दुष्कर्म के कारण आईं चोट उसकी आंतों तक पहुंच गई हैं। ऐसे में डॉक्टर उसकी आंतों की सर्जरी करेंगे। मेरठ मेडिकल कॉलेज में भर्ती बच्ची के माता-पिता का भी पता नहीं चल पा रहा है। एक महिला ने उसकी मां होने का दावा किया है लेकिन उसके मंदबुद्धि होने की वजह से पुलिस उस पर यकीन नहीं कर पा रही। ऐसे में बच्ची और उस महिला के डीएनए सैंपल लेकर विधि विज्ञान प्रयोगशाला में मिलान कराया जाएगा। मिलान होने पर ही उसे बच्ची की मां माना जाएगा।
बच्ची को 15 अक्तूबर को दुष्कर्म के बाद लिंक रोड क्षेत्र में महाराजपुर के सामने रेलवे ट्रैक के पास फेंक दिया गया था। पुलिस को वह 15 को ही सुबह सात बजे मिली थी। उसकी हालत गंभीर थी। जिला अस्पताल से उसे मेरठ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। बाल संरक्षण समिति के चेयरमैन जीपी भद्रदास ने वहां पहुंचकर चिकित्सकों से उसकी हालत के बारे में बात की।
भद्रदास का कहना है कि चिकित्सकों ने बताया है कि बच्ची की हालत में सुधार नहीं हो रहा है। चोट आंतों तक पहुंच जाने से स्थिति गंभीर बनी हुई है। ऐसे में सर्जरी के सिवाय कोई विकल्प नहीं है। ठीक होने पर बच्ची समिति को अपने पास रखेगी। इसके बाद ही उसका और खुद को उसकी मां बताने वाली महिला का डीएनए परीक्षण कराया जाएगा।
तीन दिन में आरोपी का पता नहीं
कर सकीं पुलिस की दस टीमें
बच्ची के साथ दुष्कर्म के आरोपी की पता लगाने में पुलिस की दस टीमें लगी हैं लेकिन ये तीन दिन में कोई सुराग तक नहीं लगा पाई हैं। महाराजपुर में रेलवे ट्रैक के आसपास रहने वाले 10-15 लोगों से पूछताछ हो चुकी है, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला है। इन सभी को छोड़ दिया गया। एसपी सिटी सेकंड ज्ञानेंद्र कुमार का कहना है कि ट्रांस हिंडन क्षेत्र के सभी थानों की पुलिस को केस के खुलासे में लगा दिया गया है। सोमवार को रेलवे लाइन के किनारे सीओ साहिबाबाद पूनम मिश्रा ने टीम के साथ दिनभर जांच पड़ताल की लेकिन कई सीसीटीवी फुटेज देखने के बाद भी कोई सुराग हाथ नहीं लगा है।