32 साल में अवैध पटाखों का धंधा बंद न करा पाई पुलिस
साहिबाबाद। फर्रूखनगर एक बार फिर बारूद के ढेर पर बैठा है। बड़े पैमाने पर पटाखे बन चुके हैं। पुलिस के पास पक्की खबर है लेकिन मुकम्मल कार्रवाई नहीं हो पा रही है। जैसे ही पुलिस जाती है, विरोध हो जाता है और यह पहली बार नहीं है। 1990 से यहां पटाखे बनाए जा रहे हैं। पुलिस सिर्फ दिवाली के मौके पर हरकत में आती है। इससे पहले ध्यान नहीं दिया जाता। अप्रैल 2017 में यहां पटाखा बनाते हुए एक गोदाम के अंदर दर्दनाक हादसा हुआ था जिसमें पप्पू (55), समीर (40), रफीक (60), अशफाक (40) और कुतुबद्दीन (40) अपनी जान गवां बैठे थे। इसके बाद भी पुलिस इस अवैध कारोबार को बंद नहीं करा पाई। यहां बगैर लाइसेंस के पटाखे बनाए जाते हैं, उनका भंडारण किया जाता है और दिल्ली-एनसीआर में भेजे जाते हैं।
यह हो चुकी कार्रवाई
01 अक्तूबर 2021- 90 लाख रुपये के पटाखे बरामद। नाजिम, नजमु्द्दीन व जाकिर पर रिपोर्ट दर्ज
07 जुलाई 2020 - अनवर के घर से एक करोड़ के अवैध पटाखे बरामद
11 नवंबर 2020 - गोदाम व फैक्टरी से 50 लाख के पटाखे बरामद।
06 नवंबर 2020 - एक गोदाम से 25 बोरी पटाखे बरामद
11अक्तूबर 2020 - डेढ़ करोड़ के पटाखे बरामद
26 अक्तूबर 2019- 40 लाख के पटाखे बरामद