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वायुसेना दिवस : पहली बार आसमान में नहीं गरजे युद्धक विमान

सार

ऐसा पहली बार है, जब लोगों ने हिंडन एयरफोर्स स्टेशन में शौर्य और जोश से भरे वायु सैनिकों के करतब नहीं देखे।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बार इच्छा जाहिर की थी कि वायुसेना दिवस हर बार अलग-अलग राज्यों के वायुसेना स्टेशन में किया जाए, जिससे कि उस जगह के युवा, महिला और अन्य लोगों को भारतीय वायुसेना की अच्छी जानकारी हो सके। सुबह से पांच बजे से ही नीले रंग की ड्रेस में वायुसेना के जवान मोहननगर चौराहा, राजेंद्र नगर गोल चक्कर, अर्थला, करहेड़ा नागद्वार और पसौंडा, राजेंद्र नगर के आसपास तैनात हो जाते थे। जांबाजों के हैरतअंगेज करतबों को देखकर अधिकारी, स्टाफ समेत सभी लोग तालियां बजाकर उनका हौसला बढ़ाते थे लेकिन इस बार वायुसेना स्टेशन का मैदान शांत रहा।
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वायुसेना दिवस : पहली बार आसमान में नहीं गरजे युद्धक विमान
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साहिबाबाद। वायुसेना दिवस की सुबह जांबाजों के हैरतअंगेज करतब और भारतीय विमानों की गर्जना इस बार पूरी तरह शांत रही। चंडीगढ़ स्थित स्टेशन में इस बार आयोजित वायुसेना दिवस को लोगों ने टीवी स्क्रीन पर देखा और और हर बार गाजियाबाद में आयोजित होने वाले कार्यक्रम को याद किया। ऐसा पहली बार है, जब लोगों ने हिंडन एयरफोर्स स्टेशन में शौर्य और जोश से भरे वायु सैनिकों के करतब नहीं देखे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बार इच्छा जाहिर की थी कि वायुसेना दिवस हर बार अलग-अलग राज्यों के वायुसेना स्टेशन में किया जाए, जिससे कि उस जगह के युवा, महिला और अन्य लोगों को भारतीय वायुसेना की अच्छी जानकारी हो सके। इसके बाद पहली बार भारतीय वायुसेना का 90वां वायुसेना दिवस चंडीगढ़ स्टेशन में हुआ। यही वजह रही कि शनिवार को हिंडन एयरफोर्स स्टेशन सुनसान नजर आया। स्टेशन के बाहर स्थिति सामान्य नजर आई। यहां आयोजन के दौरान वायुसेना के जवानों के द्वारा चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था की जाती थी। यातायात पुलिस द्वारा वाहनों को अन्य रूटों पर भी डायवर्ट किया जाता था। सुबह से पांच बजे से ही नीले रंग की ड्रेस में वायुसेना के जवान मोहननगर चौराहा, राजेंद्र नगर गोल चक्कर, अर्थला, करहेड़ा नागद्वार और पसौंडा, राजेंद्र नगर के आसपास तैनात हो जाते थे। दोपहर में कार्यक्रम समाप्ति तक सभी अपनी-अपनी जगह ड्यूटी करते थे। पिछली बार वायुसेना दिवस पर विंग कमांडर रमाकांत की पावर हैंड ग्लाइडर टीम 12 हजार फीट की ऊंचाई पर बिना किसी ऑक्सीजन और साधन की मदद से फ्लाइंग की थी। उस समय भारतीय इतिहास में पहली बार फ्लाइंग टीम ने पैरा हैंड ग्लाइडर के साथ स्टैक फार्मेशन की थी। इसके अलावा नीलगगन में रफाल, सुखोई, मिराज जैसेयुद्धक विमानों का आसमान में कब्जा रहता था। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि चीफ ऑफ एयर स्टाफ, चीफ ऑफ नेवी स्टाफ, चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ व अधिकारियों समेत दर्शकों का स्वागत होता था।
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सबसे बड़ा राष्ट्रीय ध्वज किया था प्रदर्शित
2021 में वायुसेना दिवस पर 225 फीट लंबा और 150 फीट चौड़ा खादी के कपड़े से बना राष्ट्रीय ध्वज प्रदर्शित कर रिकॉर्ड बनाया था। जांबाजों के हैरतअंगेज करतबों को देखकर अधिकारी, स्टाफ समेत सभी लोग तालियां बजाकर उनका हौसला बढ़ाते थे लेकिन इस बार वायुसेना स्टेशन का मैदान शांत रहा। हालांकि हिंडन वायुसेना स्टेशन के अंदर जवान और स्टाफ को देशसेवा, कर्तव्य, ईमानदारी और निष्ठा की शपथ दिलाई गई। भारतीय वायुसेना ( हिंडन स्टेशन) के मीडिया कोऑर्डिनेटर इंद्रनील नंदी ने बताया कि वायु सेना दिवस के मौके पर जवान और स्टाफ को सुबह के समय शपथ दिलाई गई थी।
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