बागपत के छपरौली स्थित हेवा गांव निवासी प्रमिंद्र अपनी पत्नी नीतू, बेटी रिषिका और बेटे के साथ अनुकंपा ग्रीन सोसायटी में दूसरी मंजिल के फ्लैट में रहते थे। उनके पड़ोस में फ्लैट नंबर 186 में कृष्ण कुमार पांडेय अपनी पत्नी और बच्चों के साथ रहता है।
अभयखंड की अनुकंपा ग्रीन सोसायटी में बुधवार देर रात बुलेट बाइक का तार टूटने के विवाद में पड़ोसी कृष्ण कुमार पांडेय ने रियल इस्टेट कारोबारी प्रमिंद्र सिंह उर्फ बब्लू की चाकू (खुखरी) गोदकर हत्या कर दी। इससे पहले सोसायटी के गेट पर दोनों के बीच हाथापाई भी हुई। बीच-बचाव कराने पहुंची प्रमिंद्र की पत्नी नीतू सिर में ईंट लगने से लहूलुहान हो गईं। हत्या के बाद आरोपी परिवार समेत फरार हो गया। नीतू ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
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बागपत के छपरौली स्थित हेवा गांव निवासी प्रमिंद्र अपनी पत्नी नीतू, बेटी रिषिका और बेटे के साथ अनुकंपा ग्रीन सोसायटी में दूसरी मंजिल के फ्लैट में रहते थे। उनके पड़ोस में फ्लैट नंबर 186 में कृष्ण कुमार पांडेय अपनी पत्नी और बच्चों के साथ रहता है। वह दिल्ली में प्रिंटिंग प्रेस और रियल इस्टेट का कारोबार करता है। नीतू ने बताया कि रात करीब 11 बजे प्रमिंद्र अपने टावर के सामने सोसायटी के गेट के पास बैठे थे।
तभी कृष्ण कुमार पांडेय वहां आया और वह सुरक्षागार्ड मूलचंद से अपनी बुलेट बाइक का तार तोड़ने के बारे में पूछने लगा। इसके बाद वह प्रमिंद्र के पास जाकर बैठ गया। दोनों में कुछ देर बात हुई और उसके बाद कहासुनी होने लगी। तभी वहां मौजूद नागेंद्र पांडेय, तुषार कालिया, मोनू व नीतू पहुंचे। सभी दोनों के बीच बीच-बचाव कराने लगे। इसी दौरान कृष्ण कुमार पांडेय ने प्रमिंद्र पर ईंट से हमला कर दिया जो नीतू को जाकर लगी। सिर में ईंट लगने से वह लहूलुहान होकर जमीन पर गिर गईं।
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इसके बाद आरोपी कृष्ण कुमार पांडेय भागकर अपने फ्लैट में घुस गया। उसके पीछे प्रमिंद्र डंडा लेकर घर पहुंचे, जैसे ही उन्होंने दरवाजा खोलने के लिए कहा तो आरोपी ने दरवाजा खोलते ही खुखरी से कारोबारी के पेट और छाती पर 2-3 बार वार कर हत्या कर दी। आरडब्ल्यूए के पदाधिकारी और परिवार के लोग कारोबारी को पास के निजी अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
कारोबारी की हत्या में लोगों की बड़ी लापरवाही सामने आई है। खोड़ा में रहने वाले सुरक्षा गार्ड मूलचंद का कहना है कि कृष्ण कुमार पांडेय ने 11 बजे उनके पास बुलेट बाइक का तार टूटने की शिकायत की थी। कुछ सेकेंड बाद ही कारोबारी और उसके बीच कहासुनी व हाथापाई हो गई। इस लड़ाई-झगड़े को लोगों ने काफी हल्के में लिया जिससे विवाद बढ़ गया। इससे पहले सोसायटी के किसी भी शख्स ने पुलिस को सूचना नहीं दी। हालांकि, गार्ड मूलचंद का कहना था कि उन्होंने डायल-112 पर मिलाया था लेकिन पुलिस से संपर्क नहीं हो पाया।
पहले स्कूटी से आरोपी, फिर परिवार हो गया फरार
जिस समय लोग कारोबारी को अस्पताल लेकर गए थे। तभी कृष्ण कुमार पांडेय को उसकी मौत की भनक लग गई थी। वह तुरंत स्कूटी लेकर गेट पर पहुंचा, वहां लोगों ने उसे रोक लिया। वहां उसका कहना था कि वह प्रमिंद्र को देखने के लिए अस्पताल जा रहा है लेकिन बीच रास्ते से फरार हो गया। कुछ देर बाद पत्नी और बच्चे भी फ्लैट का ताला लगाकर भाग गए।
पहले भी हो चुकी है आरोपी से कहासुनी
नीतू का कहना है कि कृष्ण कुमार पांडेय पहले भी उनके पति से झगड़ा कर चुुका था लेकिन विवाद होने पर स्थानीय लोग और आरडब्ल्यूए के पदाधिकारी अपने स्तर पर मामला शांत करा देते थे। इस वजह से उन्होंने कभी पुलिस को शिकायत भी नहीं की थी।
घटनास्थल से फोरेंसिक ने जुटाए साक्ष्य
देर रात पुलिस अधीक्षक द्वितीय ज्ञानेंद्र कुमार सिंह, सीओ इंदिरापुरम अभय कुमार मिश्र, इंदिरापुरम थाना प्रभारी देवपाल सिंह पुंडीर घटनास्थल पर जांच करने पहुंचे। टीम ने सबसे पहले सुरक्षागार्ड मूलचंद, आरडब्ल्यूए पदाधिकारी और चश्मदीदों के गवाह दर्ज किए। सुबह करीब साढ़े नौ बजे फोरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य एकत्रित किए। एसपी सिटी ज्ञानेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि घटनास्थल के पास से सीसीटीवी फुटेज की डीवीआर कब्जे में ले ली गई है। फरार आरोपी की तलाश में दो टीमों को लगाया है।