प्लास्टिक के खिलौने बनाने की फैक्टरी में लगी आग
साहिबाबाद। औद्योगिक क्षेत्र साइट-4 की ट्री फॉक्स टॉयज एलएलपी फैक्टरी में रविवार शाम करीब छह बजे अचानक भीषण आग लग गई। फैक्टरी में अंदर प्लास्टिक के खिलौने और सामान बनाने का काम होता है। आग के दौरान फैक्टरी और गोदाम में कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था वरना बड़ी घटना हो सकती थी। वैशाली और साहिबाबाद व कोतवाली घंटाघर फायर स्टेशन से दमकल की करीब 13 गाड़ियों ने पहुंचकर आग पर दो घंटे में काबू पाया।
यह फैक्टरी भरत क्वात्रा की है। रविवार शाम अचानक सुरक्षा गार्ड ने गोदाम से धुआं फैलता देख अग्निशमन विभाग को आग की सूचना दी। चंद मिनटों में आग ने विकराल रूप ले लिया और पूरी फैक्टरी में तेजी से फैल गई। इस बीच फैक्टरी से प्लास्टिक का सामान फटने पर धमाकों की आवाज भी आ रही थी। वैशाली फायर स्टेशन से दमकल की गाड़ी मौके पर पहुंची तो कर्मियों ने बड़ी आग की सूचना अधिकारियों को दी। जानकारी मिलने के बाद साहिबाबाद और कोतवाली घंटाघर फायर स्टेशन से कई फायर टेंडर मंगाए गए। इस बीच केमिकल की आग होने की आशंका पर अग्निशमन विभाग से फोम टेंडर को भी मौके पर भेजा गया। मुख्य अग्निशमन अधिकारी सुनील कुमार सिंह ने चारों तरफ से गाड़ियां लगवाकर आग को नियंत्रित करने का काम शुरू किया, जहां टीम को पौन घंटे में सफलता मिली लेकिन पूरी आग बुझाने में दो घंटे से ज्यादा का समय लगा। झंडापुर, कड़कड़ मॉडल और अन्य इलाकों से लोगों की भीड़ भी मौके पर पहुंच गई जिसमें से अधिकांश लोगों ने अग्निशमन कर्मियों की काफी मदद की।
कई किलोमीटर दूर तक दिखा धुआं
आग लगने से वायुमंडल में चारों तरफ काला धुआं फैल गया था। इससे आसपास रहने वाले अस्थमा मरीज और बीमार लोगों को सांस लेने में तकलीफ महसूस हुई। मौके पर कई लोग आग लगने की वीडियो भी अपने मोबाइल में कैद करते नजर आए। उधर, फैक्टरी में आग लगने के बाद कितना नुकसान हुआ है इसका अभी तक पता नहीं चला है। दमकल अधिकारियों ने किसी को भी अगले कुछ घंटों तक गोदाम में न जाने के लिए मना किया है।
आग लगने के कारणों पर जांच शुरू
सीएफओ सुनील कुमार सिंह का कहना है कि आग लगने के कारण का पता नहीं चला है। घटना में किसी तरह की कोई जनहानि नहीं हुई। फैक्टरी में आग कैसे लगी, इसकी जांच की जाएगी। मौके पर फैक्टरी मालिक से भी बात नहीं हो पाई थी।