नोएडा सेक्टर- 93ए में ट्विन टावर ध्वस्त होने के बाद इसका प्रदूषण बुलंदशहर तक लोगों का दम घोट सकता है। पिछले दो दिनों से हवा उत्तर-पश्चिम की दिशा में चल रही है। ऐसे में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी मान रहे हैं कि वायु मंडल में मलबे से उड़ने वाली धूल-मिट्टी का प्रदूषण बुलंदशहर की तरफ ज्यादा असर डाल सकता है। हालांकि, यह सब हवा की दिशा पर निर्भर है। एहतियात तौर पर नोएडा अथॉरिटी ने जरूरी इंतजाम करने के लिए कहा है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि टावर के मलबे से वायु प्रदूषण पांच मंजिला से ऊपर ही फैलेगा। हालांकि यह सिर्फ अनुमान लगाया जा रहा है। अब नोर्थ-वेस्ट की दिशा में हवा चलने पर प्रदूषण कर असर नोएडा से शुरू होकर ग्रेटर नोएडा, छिजारसी, लालकुआं, दनकौर होते हुए सिकंदराबाद व बुलंदशहर तक इसका असर पड़ सकता है। प्रदूषण के कण पर एक-एक पल की नजर रखने के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने नोएडा में छह जगहों पर मैनुअल एम्बियंट एयर क्वॉलिटी मॉनिटरिंग स्टेशन तैयार किया है, जिस पर वायु गुणवत्ता की रिपोर्ट तैयार की जानी है।
अलग-अलग जगहों पर टीमों को जिम्मेदारी
क्षेत्रीय अधिकारी उत्सव शर्मा ने बताया कि प्रदूषण बोर्ड के 12 अधिकारियों की टीम अलग-अलग जगह पर तैनात की हैं, जिसमें ग्रीन बेल्ट सेक्टर- 93ए में आशीष चौहान, पंकज कुमार, बरातघर, गेजा पर रवि कुमार, पंकज कुमार, पार्श्वनाथ प्रेस्टीज सोसायटी में अर्पिता राज, संदीप कुमार, पार्क्स लॉरिएट सेक्टर-108 नोएडा में राजीव बघेल, सुरूचि, एसीई कैपिटल सेक्टर-132 पर आकांक्षा यादव, रवि कुमार, ऑमेक्स फॉरेस्ट सोसायटी सेक्टर-93बी में कुमार साहिल, आशीष चौहान शामिल हैं। यह सभी लोग रोजाना प्रदूषण के नमूने व रिपोर्ट को प्रयोगशाला सहायक विशाल मौर्या को जमा कराएंगे। वहीं, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की तरफ से ध्वनि प्रदूषण की रिपोर्ट भी तैयार की जाएगी।
यातायात पुलिसकर्मी रखेंगे हाइवे पर नजर
पुलिस अधीक्षक यातायात रामानंद कुशवाह का कहना है कि नोएडा पुलिस प्रशासन की तरफ से हाइवे पर ट्रैफिक डायवर्जन के लिए कोई पत्र नहीं दिया गया है फिर भी ट्रैफिक संचालन में किसी भी तरह की दिक्कत ना आए इसके लिए यातायात पुलिसकर्मियों की ड्यूटी रोजाना की तरह लगाई जाएगी। प्रदूषण बढ़ने की स्थिति में नगर निगम, जीडीए और अग्निशमन अधिकारियों ने भी पानी से छिड़काव करने की तैयारी की है।