थाना क्षेत्र के अलग-अलग मामलों में ठगों ने चार लोगों के खातों से तीन लाख से ज्यादा की रकम निकाल ली। उन्होंने इंदिरापुरम थाने में पुलिस को शिकायत दी है। साइबर सेल टीम ट्रांजेक्शन और खाते से निकली रकम की जांच कर रही है।
शिप्रा सनसिटी सोसायटी के निवासी मजमुज्जमान ने 16 अगस्त को सोसायटी के बाहर एटीएम बूथ से छह हजार रुपये निकाले थे। वह पैसे लेकर घर जा रहे थे कि अचानक रास्ते में उन्हें मोबाइल पर तीन मैसेज और मिले जिसमें तीन बार में 9 हजार, 10 हजार और 59,800 रुपये निकलने की जानकारी थी। वह तुरंत एक दोस्त के घर पहुंचे और बैंक के ग्राहक सेवा केंद्र पर फोन कर पुलिस को सूचना दी। सेवा केंद्र पर नीरज ने उनसे डेबिट कार्ड के 16 अंकों के बारे में बताया कि वह उनके डेबिट कार्ड से मिल नहीं रहे थे। इससे उन्हें कार्ड बदलने की जानकारी हुई।
दूसरे मामले में एटीएम एडवांटेज सोसायटी निवासी मान्या गोयल को एक युवक ने टेलिकॉल इंडस्ट्री का पदाधिकारी बताकर समस्या हल होने के बारे में पूछा। समाधान होने पर ठग ने उनसे एक नंबर डायल करने के लिए कहा। इस प्रक्रिया के करते ही उनका ई-मेल आईडी हैक कर व्हाट्सएप हैक कर लिया और उनके दोस्तो व जानकारों को मैसेज कर 20 हजार ट्रांसफर करा लिए।
तीसरे मामले में वसुंधरा सेक्टर-2 निवासी पंकज गौतम ने बताया कि वह मंगलवार को वसुंधरा स्थित मेवाड़ कालेज में ऑफिस के अंदर बैठे थे। तभी मोबाइल पर बैंक से मैसेज आया जिसमें खाता, केवाईसी और पैन कार्ड अपडेट करने के लिए कहा गया। रिप्लाई करने पर उनके खाते से 90 हजार रुपये डेबिट के लिए ओटीपी आया। आरोप है कि ठग ने उन्हें कॉल कर खाते से दो लाख रुपये की निकासी कर ली। उधर, वसुंधरा सेक्टर पांच निवासी मोनिका ने बताया कि एक युवक ने उन्हें फोन कर नौकरी का झांसा दिया। इस बाबत उसने मोबाइल एप डाउनलोड कराया। फिर उनसे कहा कि एक ट्यूटर आपको काम करना सिखाएगा। इस तरह उनसे खाते में 59 हजार रुपये ट्रांसफर करा लिए। उन्होंने इंदिरापुरम थाने में पुलिस को शिकायत दी है। क्षेत्राधिकारी इंदिरापुरम अभय कुमार मिश्र ने बताया कि ट्रांजेक्शन के आधार पर साइबर टीम जांच कर रही है।