इंदिरापुरम के चाचा-भतीजे ने सोशल मीडिया पर भाजपा नेता और आईएएस अधिकारी की फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर अल्पसंख्यक आयोग की सदस्य अनीता जैन से एक काम के बहाने 20 लाख रुपये मांग की है। आरोप है कि दोनों ठग खुद को भाजपा के वरिष्ठ नेता का पसर्नल असिस्टेंट बताते हुए लोगों को गुमराह करते हैं। इंदिरापुरम थाने में दोनों के खिलाफ धोखाधड़ी, ठगी और और जालसाजी का मुकदमा दर्ज हुआ है।
लखनऊ के इंदिरा भवन में अनीता जैन अल्पसंख्यक आयोग की सदस्य हैं। उनका कहना है कि इंदिरापुरम निवासी हेमंत चौधरी और किरनपाल जाटव ने सोशल मीडिया पर भाजपा के सह संगठनमंत्री कर्मवीर सिंह की फर्जी आईडी बनाकर छवि को धूमिल किया है। दोनों चाचा-भतीजे हैं। आरोप है कि दोनों पहले लोगों को ठगी के जाल में फंसाने के लिए फेसबुक से संपर्क करते हैं।
फिर नंबर मिलने पर मैसेंजर से बातचीत करते हैं। दोनों पार्टी के नेताओं से अच्छी साठगांठ होने का लालच देकर बड़े-से बड़ा काम करने का आश्वासन देते हैं। उन्होंने मामले का संज्ञान लेकर सह संगठनमंत्री के कहने पर दोनों ठगों से बातचीत की और फिर लखनऊ में एक काम कराने की मांग की। इस बाबत ठग ने उनसे 20 लाख रुपये मांगे और फिर मैसेंजर से तुरंत 1200 रुपये ट्रांसफर करने के लिए कहा। ठगों का भेद खोलने के लिए उन्होंने 1200 रुपये ट्रांसफर कर दिए।
जांच कराने पर ठगों के पते इंदिरापुरम पुलिस के सामने आए। साइबर सेल व सर्विलांस में लखनऊ से सम्पर्क कर दोनों की लोकेशन ट्रेस कराई गई। इतना ही नहीं, आरोपी हेमंत चौधरी आईएएस अधिकारी के नाम से फेसबुक आईडी बनाकर लोगों को गुमराह करता है। कुछ दिन पूर्व हेमंत चौधरी ने उनसे व्हाट्सएप पर संपर्क कर 20 लाख रुपये मांगे थे।
पूरे मामले में आयोग की सदस्य ने इंदिरापुरम थाने में लिखित शिकायत दी। क्षेत्राधिकारी इंदिरापुरम अभय कुमार मिश्र का कहना है कि हेमंत चौधरी और किरन पाल जाट के खिलाफ नामजद मुकदमा हुआ है। साइबर टीम जांच कर रही है, रिपोर्ट के आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।