जांच में सामने आया खेल
विकास के दोस्त अजय ने बताया कि बैंक का वसूली नोटिस आने पर प्रशासन से शिकायत की गई। इसके बाद पुलिस ने जांच की। इसमें साफ हो गया कि दूसरे के ऋण को फर्जी दस्तावेज तैयार कर विकास के ऋण के साथ जोड़ा गया है। इंदिरापुरम के थाना प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि जालसाजी, धोखाधड़ी और विश्वास तोड़ने की धाराओं में केस दर्ज किया गया है। इसमें 2019 में तैनात रहे बैंक अफसर आरोपी बताए गए हैं। उनका नाम जांच में खोला जाएगा।
आरोपियों से होगी पूछताछ
पुलिस अधीक्षक द्वितीय ज्ञानेंद्र कुमार सिंह का कहना है कि जांच पड़ताल के बाद नोबल को-ऑपरेटिव बैंक के तत्कालीन अधिकारी और कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। आरोपियों को पकड़कर जल्द पूछताछ की जाएगी।