विदेश में नौकरी का झांसा देने वाले गिरोह का भंडाफोड़, दो गिरफ्तार
साहिबाबाद। कौशांबी पुलिस ने मंगलवार को खाड़ी देशों (कतर, दोहा, दुबई व सऊदी अरब) में नौकरी का झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। कुशीनगर के 13 लोगों की शिकायत की जांच के बाद पुलिस गिरोह तक पहुंची है। पुलिस ने वैैशाली क्लाउड 9 से दो शातिरों को गिरफ्तार किया है। जबकि, गिरोह के सरगना सहित दो शातिर पुलिस की पकड़ से दूर हैं।
कुशीनगर के कमलेश कुमार, राहुल रावत, रमेश कुमार व देवरिया के मृत्यंजय कुशवाहा सहित 13 लोगों ने कौशांबी पुलिस से ठगी की शिकायत की थी। सीओ इंदिरापुरम अभय कुमार मिश्र ने बताया कि गिरोह ने लोगों को खाड़ी देशों में नौकरी व वीजा दिलाने का झांसा दिया। वीजा फर्जी होने पर लोग वैशाली क्लाउड 9 स्थित एलेक्सा इंटरनेशनल कंपनी के मुख्य कार्यालय पहुंचे थे। गिरोह के सदस्यों ने वीजा के नाम पर 30 हजार रुपये और मांगे। शक होने पर लोगों ने पुलिस से शिकायत की। इसके बाद पुलिस ने मौके से लखनऊ के मटियारी चौराहा चिनहट निवासी मोहित प्रजापति व लखनऊ गोमती नगर निवासी विष्णु कुमार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने मौके से 14 पासपोर्ट, एक लैपटाप, एलसीडी मॉनीटर, सीपीयू, तीन रबर मोहर, तीन मोबाइल, 9100 रुपये और दो नोटबुक बरामद किए हैं।
चालक, इलेक्ट्रिशियन, बढ़ई के काम का देते थे झांसा
कौशांबी थाना प्रभारी राघवेंद्र सिंह ने बताया कि सूरज गिरोह का सरगना है जबकि शशांक उसका पार्टनर है। सूरज लखनऊ तो शशांक चंडीगढ़ से गिरोह चला रहा था। पकड़े गए दोनों सदस्य फर्जी वीजा बनाने, दस्तावेज तैयार करने और रकम ऐंठने का काम करते थे। दोनों वीजा व टिकट दिलाने के नाम पर सौदा करते थे। विज्ञापन की मदद से लोगों को मोटा वेतन का लालच देकर खाड़ी देश में मजदूरी सहित चालक, इलेक्ट्रिशियन, बढ़ई आदि नौकरी दिलाने का झांसा देते थे।
पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार के लोग निशाने पर
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि गिरोह के निशाने पर पूर्वी उत्तर प्रदेश व बिहार के लोग ज्यादा होते थे। शातिर गाजियाबाद में हेडक्वार्टर बताकर 30 से 72 हजार रुपये तक लोगों से ठग लेते थे। गिरोह ने अपने कार्यालय गोरखपुर, लखनऊ व कुशीनगर में खोल रखे हैं। विज्ञापन के माध्यम से क्षेत्रीय कार्यालयों पर लोगों का पंजीकरण करते थे फिर गाजियाबाद बुलाकर मेडिकल, वीजा व टिकट देते थे। एक बार में 100 से ज्यादा लोगों का मेडिकल व वीजा प्रक्रिया पूरी कराई जाती थी। उसके बाद करीब एक डेढ़ माह आगे की तारीख का टिकट बताकर घर वापस भेज दिया था। एक माह बाद आने पर लोगों को कंपनी का ताला बंद मिलता था। गिरोह अपना कार्यालय दूसरी जगह शिफ्ट कर लेता था।
कब कब विदेश भेजने के मामले आए सामने
-08 दिसंबर 2021 में 100 से ज्यादा युवकों को कुुवैत भेजने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी होना सामने आया था। युवकों की शिकायत पर इंदिरापुरम थाना पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की। पुलिस की जांच में गिरोह नीति खंड एक में कार्यालय बंद कर फरार हो गया।
-17 जुलाई 2020 को कौशांबी थाना पुलिस ने खाड़ी देश में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह के दो सदस्यों को वैशाली मेट्रो स्टेशन के पास से गिरफ्तार किया। गिरोह का सरगना खालिद फरार हो गया था।
-06 सितंबर 2016 को विदेश भेजने के नाम 50 लोगों से लाखों की ठगी करने वाले गिरोह को इंदिरापुरम थाना पुलिस ने वैैभव खंड स्थित आदित्य सेंटर पर छापा मारा था लेकिन गिरोह पुलिस की भनक लगने पर सामान लेकर गायब हो गया था।
-15 फरवरी 2015 को दुबई में नौकरी दिलाने के नाम पर 75 लोगों से 20 लाख रुपये ठगने का मामला सामने आया। इंदिरापुरम थाना पुलिस की कार्रवाई में शक्तिखंड स्थित कंपनी कार्यालय पर ताला लगा मिला।