एसटीएफ के निरीक्षक सुनील कुमार ने बताया कि सुमित के पास से मोबाइल फोन, आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र व 500 रुपये नगद बरामद किए गए हैं। पूछताछ के दौरान सुमित ने बताया कि उसने जुलाई में आयोजित लेखपाल परीक्षा में सॉल्वर बिठाने की योजना बनाई थी।
जुलाई माह में हुई लेखपाल परीक्षा में सॉल्वर बैठाने के मामले में फरार चल रहे आरोपी सुमित हेवा को एसटीएफ ने बुधवार शाम लोनी से गिरफ्तार कर लिया है। परीक्षा में सॉल्वर बैठाने की योजना सुमित ने ही बनाई थी। सॉल्वर गैंग के छह सदस्यों को एसटीएफ पूर्व में गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। सुमित अपने दो साथियों राहुल व सोमवीर के साथ फरार चल रहा था। इसके खिलाफ मुरादाबाद के मझोला थाने में मुकदमा दर्ज है।
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एसटीएफ के निरीक्षक सुनील कुमार ने बताया कि सुमित के पास से मोबाइल फोन, आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र व 500 रुपये नगद बरामद किए गए हैं। पूछताछ के दौरान सुमित ने बताया कि उसने जुलाई में आयोजित लेखपाल परीक्षा में सॉल्वर बिठाने की योजना बनाई थी लेकिन परीक्षा के समय ही एसटीएफ ने दो लोगों को पकड़ लिया था। इनसे पूछताछ के बाद संजीत दहिया निवासी सोनीपत, नवीन मलिक निवासी सोनीपत, विक्रांत निवासी बागपत, गौरव निवासी बड़ौत, सचिन निवासी बड़ौत व अंकित निवासी बड़ौत को गिफ्तार कर लिया था। एसटीएफ ने बाद में सोमवीर व राहुल को भी गिफ्तार कर जेल भेज दिया था लेकिन सुमित फरार चल रहा था। पुलिस और एसटीएफ को दो महीनों से इसकी तलाश थी।
ग्रुप डी रेलवे की परीक्षा में भी बैठा चुका है सॉल्वर
इससे पहले सुमित ने वर्ष 2018 में रेलवे ग्रुप डी की परीक्षा में आठ सॉल्वर बैठाए थे। इनमें से दो बायोमैट्रिक में निकल गए थे। अपने ही गांव के राहुल को उसने इस परीक्षा में सॉल्वर लाने के लिए 17 लाख रुपये दिए थे। राहुल ने सोनीपत निवासी नीरज के माध्यम से हरियाणा व बिहार से सॉल्वर की व्यवस्था की थी। लेखपाल की परीक्षा के लिए एक अभ्यर्थी से सात लाख रुपये तय किए गए थे। इनमें से दो लाख रुपये एडवांस लिए गए थे।