तेंदुआ निकलने की सूचना के बाद गांव में दहशत का माहौल है। लोगों का कहना है कि वह कल से अपने खेत पर नहीं जा रहे हैं। किसान नरेश का कहना है कि गन्ने की छिलाई का काम चल रहा है लेकिन कल से गन्ना छीलने वाले खेतों पर आने से मना कर रहे हैं। किसान वीरेंद्र चौधरी ने बताया कि शाम के बाद घरों से बच्चों को निकलने नहीं दिया जाता है। रात में लाइट जला कर रखी जा रही है।
गाड़ी है न गन, निजी वाहन का ले रहे सहारा
वन वन विभाग के पास ना तो गाड़ी है और ना ही ट्रेंकुलाइजर गन, निजी वाहन से टीम मौके पर पहुंच रही है। वन विभाग में दो रेंजर एक फॉरेस्ट अफसर और एक एसडीओ रैंक के अधिकारी हैं। टीम के पास वाहन के नाम पर जिला वन अधिकारी के पास ही एक गाड़ी है। अन्य अधिकारियों के पास निजी वाहन ही सहारा है। जिला वन अधिकारी मनीष सिंह का कहना है कि वाहनों के लिए मुख्यालय को कई बार पत्र लिखा जा चुका है। ट्रेंकुलाइजर गन मेरठ से मंगाई जाती है। इसके अलावा विशेषज्ञ टीम भी मेरठ से बुलाई जाती है। ड्रोन के लिए मेरठ से संपर्क किया जा रहा है।