कविनगर थाने में तैनात दरोगा महेंद्र शर्मा पर जानलेवा हमले और बलवे की धारा में दर्ज केस में आरोपपत्र दाखिल करने के लिए एक लाख रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप लगा है। केस दर्ज कराने वाले खालिद ने रिश्वत मांगते दरोगा के साथ बातचीत मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर ली। रिकॉर्डिंग की जांच कराने के बाद पुलिस आयुक्त अजय कुमार मिश्र ने महेंद्र शर्मा को निलंबित कर दिया। उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस भी दर्ज करा दिया गया है
जांच के बाद उसकी गिरफ्तारी हो सकती है। उसके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी दिए गए हैं। धोबी वाली गली, कैलाभट्ठा निवासी खालिद ने बताया कि उन्होंने 2017 में अपने ससुर अलीमुद्दीन व अन्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस मामले में नगर कोतवाली पुलिस ने अंतिम रिपोर्ट लगा दी थी।उनकी आपत्ति पर कोर्ट ने अंतिम रिपोर्ट को खारिज कर पुलिस को फिर से विवेचना कर साक्ष्य जुटाने के आदेश दिए।
इस बार जांच महेंद्र शर्मा को मिली। उसने कहा कि आरोप पत्र दाखिल हो सकता है लेकिन इसमें एक लाख रुपये का खर्च आएगा। उसने उसे कई बार फोन किया। हर बार एक ही बात कहता था कि एक लाख रुपये देने ही पड़ेंगे। धमकी दी कि अगर एक लाख नहीं दिए तो नुकसान उठाना पड़ सकता है। इस डर से जैसे तैसे इंतजाम करके 30 हजार रुपये दे दिए लेकिन वह एक लाख से कम लेने पर राजी नहीं था।
तू नहीं देगा एक लाख तो तेरे ससुर से ले लूंगा
खालिद ने बताया कि दरोगा ने उससे फोन पर कहा कि अगर एक लाख रुपये तू नहीं देगा तो उसके ससुर से इतनी ही रकम ले लेगा। इसके बाद मुकदमे में फिर से अंतिम रिपोर्ट दाखिल कर देगा। इस पर उसने रिकाॅर्डिंग कर ली और पुलिस आयुक्त से शिकायत कर दी। पुलिस आयुक्त ने शिकायत की जांच कराई। जांच रिपोर्ट आने पर कार्रवाई की गई है।
एसीपी कविनगर अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि प्राथमिक जांच के आधार पर उपनिरीक्षक को निलंबित कर दिया गया है। ऑडियो की जांच कराई जाएगी। साक्ष्य के आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।