चिरंजीव विहार की रहने वाली शिल्पी कौशिक ने फेसबुक पर जस्टिनशर्ट नाम की ऑनलाइन शॉपिंग साइट का विज्ञापन देखा। इसे देखकर उन्होंने एक साड़ी 749 रुपये में ऑर्डर कर दी। साड़ी डिलीवर होने पर उन्होंने नकद भुगतान कर दिया। शिल्पी का कहना है कि डिलीवरी मैन के जाने के बाद उन्होंने साड़ी देखी तो वह कई जगह से फटी हुई थी। उन्होंने कस्टमर केयर नंबर पर कॉल कर शिकायत की। कॉल करने वाले ने कहा कि 749 रुपये की धनराशि नकद नहीं लौटा पाएंगे। इसकी बजाय पेटीएम, फोन पे या गूगल पे के माध्यम से लौटाने की बात कही। उन्होंने इन पेमेंट गेटवे का इस्तेमाल न करने की बात कही तो उन्होंने बैंक खाते की जानकारी मांगी।
महिला का कहना है कि उन्होंने धोखाधड़ी होने की बात कहकर खाते की जानकारी देने से मना किया तो कॉल करने वाले ने उन्हें भरोसा दिला दिया और बैंक खाते के सिर्फ अंतिम चार अंक और ओटीपी की जानकारी देने पर सहमत कर लिया। उन्होंने कहा कि शुरूआत में उनके खाते से एक रुपया जीएसटी के रूप में कटेगा, फिर साड़ी की कीमत उनके बैंक खाते में भेज दी जाएगी। उन्होंने जानकारी दी तो एक रुपया खाते से कट गया। उनका कहना है कि अगले दिन उनके बैंक खाते से चार बार में एक लाख रुपये निकाल लिए गए।
साइबर सेल से शिकायत पर भी नहीं मिली मदद
महिला का कहना है कि उन्होंने खाते से रकम निकल जाते ही साइबर सेल में शिकायत की। उनकी शिकायत दर्ज कर शिकायत नंबर भी दिया गया, लेकिन न तो आरोपियों पर कार्रवाई हुई और न ही उनकी रकम वापस मिली। एसीपी कविनगर अभिषेक श्रीवास्तव का कहना है कि रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच कराई जा रही है। साइबर एक्सपर्ट के माध्यम से ठगों की जानकारी जुटाई जाएगी।