पत्नी की हत्या के दोषी को आजीवन कारावास
गाजियाबाद। पत्नी ने मजदूरी बंद करने से इन्कार किया तो पति ने चाकू घोंपकर हत्या कर दी। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार यादव ने दोषी पति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोषी पर अदालत ने 5500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव कुमार ने बताया कि 13 मार्च 2016 को अर्थला निवासी पिंकी ने साहिबाबाद थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। महिला ने बताया था कि उसकी बड़ी बहन सुमित्रा (40) की शादी मेरठ के किठौर निवासी राकेश के साथ हुई थी। राकेश नंदग्राम में मकान लेकर रहता था। राकेश कोई काम नहीं करता था, इसको लेकर पति-पत्नी में लड़ाई होती रहती थी। सुमित्रा अपनी बहन के घर अर्थला चली गई और कहा कि पति रोज पिटाई करता है, इसलिए यहीं पर रहकर मेहनत मजदूरी करेगी, लेकिन पति के पास नहीं जाएगी। 13 मार्च 2016 को सुबह 6:30 बजे अर्थला पहुंचकर पत्नी से मजदूरी बंद कर साथ चलने के लिए कहा, लेकिन सुमित्रा ने साथ जाने से इन्कार कर दिया। इस पर राकेश ने पत्नी के पेट में चाकू घोंप दिया और मौके से फरार हो गया। गंभीर रूप से घायल सुमित्रा को उसकी बहन जिला एमएमजी अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।