विधानसभा चुनाव में नहीं गली दाल तो मेयर टिकट के लिए ठोकी ताल
गाजियाबाद। महापौर सीट का आरक्षण तय होने से पहले ही लगभग सभी दलों में टिकट के दावेदारों ने ताल ठोक दी है। महापौर के चुनाव में अजेय रही भाजपा में सबसे लंबी लाइन है। इनमें भी बड़ी संख्या उन नेताओं की है जिन्होंने पिछले विधानसभा चुनाव में भी टिकट के लिए दावा ठोका था लेकिन दाल नहीं गल पाई थी। कांग्रेस में अब तक पांच आवेदन आ चुके हैं। एक-दो दिन में आरक्षण तय होने के बाद कुछ और दावेदार पत्ते खोल सकते हैं।
भाजपा में दावेदारों की फेहरिस्त लंबी होती जा रही है। प्रमुख दावेदारों में सिविल डिफेंस के चीफ वार्डन ललित जायसवाल, तीन बार पार्षद रहे और जीडीए बोर्ड सदस्य पवन गोयल, पूर्व जिलाध्यक्ष महेश अग्रवाल, पूर्व महानगर अध्यक्ष अशोक मोंगा, अजय शर्मा, विजय मोहन, महानगर अध्यक्ष संजीव शर्मा, पूर्व मेयर दमयंती गोयल के पुत्र मयंक गोयल, उद्यमी संजीव गुप्ता, वर्तमान मेयर आशा शर्मा, पूर्व मेयर अशु वर्मा, छह बार से लगातार पार्षद अनिल स्वामी, पांच बार से पार्षद राजेंद्र त्यागी, पूर्व एमएलसी प्रशांत चौधरी, किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष राजा वर्मा, वीरेश्वर त्यागी का नाम इनमें शामिल हैं। इनके अलावा दो पूर्व आईएएस और सेवानिवृत्त सीएमओ का नाम चल रहा है। इन दावेदारों में आधे से ज्यादा वे हैं जो विधानसभा चुनाव में टिकट मांग रहे थे लेकिन बात नहीं बन पाई।
कांग्रेस में पांच पांच नामों की चर्चा
कांग्रेस जिलाध्यक्ष विजेंद्र यादव ने बताया कि दावेदारों में पांच नाम सामने आए हैं लेकिन जब तक आरक्षण तय नहीं होता है तब तक कोई सूची तैयारी नहीं की जाएगी। जिन नामों की चर्चा दावेदारों के रूप में हैं उनमें पूर्व महानगर अध्यक्ष नरेंद्र भारद्वाज, कार्तिकेय कौशिक, महानगर अध्यक्ष लोकेश चौधरी, डॉ. संजीव शर्मा, पूर्व महानगर अध्यक्ष पूजा चड्ढा हैं।
सपा में आए चार आवेदन
समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष राशिद मलिक ने बताया मेयर पद के लिए चार दावेदारों ने बायोडाटा दिया है। आरक्षण तय होने के बाद सूची पर विचार किया जाएगा। जिन्होंने दावा किया किया उनमें महिला आयोग की पूर्व सदस्य राजदेवी चौधरी, व्यापारी नेता प्रेमचंद्र गुप्ता, कांग्रेस सपा में शामिल हुए पीएन गर्ग, साबुद्दीन सैफी हैं।
आरक्षण सूची के इंतजार में बसपा और रालोद
बसपा जिलाध्यक्ष वीरेंद्र जाटव का कहना है कि आरक्षण तय होने के बाद ही कोई आवेदन लिया जाएगा। कुछ पूर्व पार्षदों ने संपर्क किया है। रालोद की महानगर अध्यक्ष रेखा चौधरी का कहना है कि पहले आरक्षण तय हो जाए और गठबंधन समन्वय समिति की ओर से दिशानिर्देश आ जाए इसके बाद ही आवेदन लिया जाएगा। उन्होंने संभावना जताई कि मेयर पद का उम्मीदवार सपा से तय किया जा सकता है।
पार्षद के टिकट के लिए भी लंबी लाइन
भाजपा के चुनाव चिन्ह पर पार्षद का टिकट मांगने वालों की लंबी कतार है। नगर निगम के 100 वार्डों से दो दिन में 1000 दावेदारों ने आवेदन किया है। इसके अलावा नगर पालिका मुरादनगर के 25 वार्डों से 125, खोड़ा-मकनपुर के 34 वार्डों से ढाई सौ लोगों आवेदन किए हैं। भाजपा महानगर संगठन प्रभारी ने बताया कि आवेदन पार्षदों से आवेदन लिए जा रहे हैं। प्रत्येक वार्ड से आठ से 10 दावेदार आवेदन कर रहे हैं। दावेदारों से आवेदन लेने के लिए मंडल अध्यक्षों को जिम्मेदारी दी गई है। 20 मंडल अध्यक्षों को जिम्मेदारी दी गई है। आवेदनों की जांच पड़ताल के बाद ही उम्मीदवारी तय की जाएगी।
रालोद में अब तक 16 ने किया आवेदन
रालोद महानगर अध्यक्ष रेखा चौधरी ने बताया कि वार्ड आरक्षण की सूची जारी होने के बाद पार्षद पद के लिए आवेदन आने लगे हैं। आवेदन वेबसाइट, व्हाट्सएप के माध्यम से लिया जा रहा है। अभी तक 16 ने दावेदारी की है।