कचरा देना होगा तो कॉल कर बुला सकेंगे गाड़ी
गाजियाबाद। शहर के 161 डलावघरों को हटाने के बाद नगर निगम अधिकारी लोगों को कचरा डालने का विकल्प भी देंगे। विलोपित डलावघरों पर नगर निगम के कंट्रोल रूम और क्षेत्रीय सफाई निरीक्षक का मोबाइल नंबर दर्ज कराया जाएगा। कचरा डालना होगा तो लोग इन नंबरों पर कॉल कर निगम की गाड़ी बुला सकेंगे। इसके बावजूद कूड़ा डाला तो निगम अधिकारी भारी जुर्माना लगाएंगे।
स्वच्छ सर्वेक्षण की तैयारियों में जुटे निगम के अधिकारी गाजियाबाद को गारबेज फ्री सिटी बनाने के लिए यह कवायद कर रहे हैं। तीन दिसंबर तक 92 बड़े और 69 छोटे डलावघरों को विलोपित किया जाएगा। यानी यहां कचरा डालना प्रतिबंधित कर दिया जाएगा। इन डलावघरों को विलोपित करने के बाद निगरानी के लिए कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी।
पीपीपी योजना पर काम करेंगे निगम अधिकारी
नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश कुमार का कहना है कि पीपीपी (प्रेयर, परश्यू, पेनाल्टी) योजना पर काम किया जाएगा। पहले लोगों से सड़कों पर कूड़ा न डालने का आग्रह किया जाएगा, फिर निगरानी कर रोकने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। इसके बाद जुर्माना लगाने की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
गारबेज फ्री सिटी बना तो मिलेंगे ज्यादा अंक
नगर निगम के अधिकारी शहर को गारबेज फ्री सिटी बनाने में सफल रहे तो स्वच्छ सर्वेक्षण में गाजियाबाद को ज्यादा अंक मिलेंगे। इसके लिए करीब दो हजार अंक निर्धारित है और यह शहर की स्वच्छता रैंकिंग को बढ़ाने या घटाने में अहम भूमिका निभाता है। पूर्व नगरायुक्त सीपी सिंह के कार्यकाल में शहर में सबसे ज्यादा करीब 225 डलावघरों को विलोपित कर वहां हरियाली विकसित कराई गई थी।