परिचित की फर्मों पर 1.22 करोड़ का लोन लेकर नहीं चुकाया
गाजियाबाद। परिचित की तीन फर्म के दस्तावेज देकर एक बैंक के पूर्व चेयरमैन और उनके बेटे ने 1.22 करोड़ का लोन लिया लेकिन चुकाने से इनकार कर दिया। लोन लेने के दौरान पिता-पुत्र ने फर्म के मालिक को इस लोन की रकम को व्यापार में लगाकर होने वाले मुनाफे में से हिस्सा देने का भरोसा दिया था। आरोप है कि न तो लोन की रकम चुकाई न लाभांश दिया। अब कोर्ट के माध्यम से बिल्डर ने बैंक के पूर्व चेयरमैन करनपाल और उनके बेटे पंकज चौधरी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
बिल्डर अनिल कुमार राणा का कहना है कि पंकज चौधरी उनकी एक फर्म में साझेदार रहा है। वर्ष 2010 में पंकज ने अपने पिता करन सिंह से मुलाकात कराकर फर्मों का गठन कर उन पर बैंक लोन दिलाने और इस रकम को बिजनेस में लगाकर लाभांश देने का ऑफर दिया था। उनका कहना है कि पंकज के पिता करन सिंह एक बैंक में चेयरमैन थे, इसलिए वह प्रभाव में आ गया। अनिल का कहना है कि उनकी दो पूर्ण मालिकाना हक वाली और एक साझा फर्म के दस्तावेज पिता-पुत्र ने लोन के लिए बैंक में भेज दी। एक फर्म पर 37.50 लाख रुपये, दूसरी पर 40 लाख और तीसरी पर 45 लाख रुपये का लोन ले लिया। कुछ समय तक लोन की किस्त चुकाई, लेकिन लंबे समय से किस्त देना भी बंद कर दिया। करन सिंह ने बाद में 1.62 करोड़ का चेक दिया लेकिन यह चेक बाउंस हो गया। उनका कहना है कि उन्होंने इनके खिलाफ सिहानी गेट थाने में, एसएसपी, आईजी को शिकायत दी लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। थाना प्रभारी नरेश कुमार शर्मा का कहना है कि मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।