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Ghaziabad News: सांसद था तो गाजियाबाद आने से घबराता था... अब अच्छा लगता है

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सांसद था तो गाजियाबाद आने से घबराता था... अब अच्छा लगता है
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गाजियाबाद। नगर निकाय चुनाव की तैयारियों का आगाज करने आए मुख्यमंत्री ने गाजियाबाद की दो तस्वीर जनता के सामने रखी और बदलाव का नजरिया भी तैयार किया। उन्होंने मुख्यमंत्री काल से पहले बतौर सांसद गाजियाबाद के अपने दौरे का जिक्र किया। योगी ने कहा कि ‘मैं सांसद था तो गाजियाबाद आने से घबराता था। गाजियाबाद सबसे गंदा रहता था, इसकी कोई ऐसी पहचान नहीं थी कि देश-दुनिया का कोई व्यक्ति यहां निवेश करें लेकिन अब यहां आना अच्छा लगता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 के बाद गाजियाबाद नित नए प्रतिमान बढ़ रहा है। जनता की बुनियादी सुविधाएं बढ़ी हैं। अब यहां 14 लेन का एक्सप्रेसवे है, देश की पहली रैपिड रेल का संचालन अगले साल शुरू हो जाएगा। गाजियाबाद के पास अपना एयरपोर्ट है, बेहतर कनेक्टिविटी है। उन्होंने गाजियाबाद के जनप्रतिनिधियों की सराहना करते हुए कहा कि हर जनप्रतिनिधि से सरकार की योजनाओं का लाभ जनता तक पहुंचाने में पूरा योगदान दिया है। गाजियाबाद को बेहतर गाजियाबाद बनाने में न सिर्फ जनप्रतिनिधि बल्कि हर नागरिक ने योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि बुलेट ट्रेन बन जाने से प्रदेश में विकास दिखता है और बुलेट ट्रेन की स्पीड को बनाने के लिए आप सबका आशीर्वाद भारतीय जनता पार्टी को चाहिए।
स्वच्छ सर्वेक्षण में प्रदर्शन पर की सराहना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वच्छ सर्वेक्षण में गाजियाबाद नगर निगम को यूपी में पहला और देश में 12वां स्थान मिलने पर सराहना की। उन्होंने कहा कि इसके लिए वह यहां के लोगों को भी धन्यवाद देना चाहते हैं। जनप्रतिनिधियों, अफसरों के साथ-साथ लोगों ने भी इसमें मदद की है। उन्होंने पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) के आधार पर गाजियाबाद में बदलीं गईं स्ट्रीट लाइटों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि न तो नगर निगम ने और न ही प्रदेश सरकार ने इन लाइटों को बदलने पर पैसा खर्च किया। इसके बाद भी अब शहर में पुरानी लाइटें बदलकर एलईडी स्ट्रीट लाइटें लगाई गई हैं। बिजली बिल से होने वाली बचत से इन लाइटों को लगवाया गया।
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उत्तरांचल और पूर्वांचल के लोगों को साधा
शहर में निर्माणाधीन उत्तरांचल और पूर्वांचल भवन का जिक्र कर उन्होंने दोनों क्षेत्रों के मतदाताओं की नब्ज को भी पकड़ा। उन्होंने कहा कि दोनों ही क्षेत्र के लोग कन्वेंशन हाल बनाए जाने की मांग लंबे समय से की जा रही थी। प्रदेश सरकार ने इसके लिए फंड दिया और अब दोनों भवनों का निर्माण किया जा रहा है, ताकि इन क्षेत्रों की संस्कृति को बढ़ावा दिया जा सके।
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