12 चिकित्सक गए वीआईपी ड्यूटी में, ऑपरेशन टले
गाजियाबाद। मुख्यमंत्री के आगमन पर दोनों अस्पतालों को मिलाकर चार एंबुलेंस सहित लगभग 12 चिकित्सकों की वीआईपी ड्यूटी लगाई गई थी। मंगलवार संयुक्त अस्पताल और एमएमजी में कुछ चिकित्सक और इंटर्न ने ओपीडी संभाली। सर्जन के न होने की वजह से एमएमजी अस्पताल में कोई सर्जरी नहीं हो पाई थी। संयुक्त अस्पताल में भी कोई भी बड़ी सर्जरी नहीं हो पाई।
एमएमजी से आठ चिकित्सक और संयुक्त अस्पताल से चार चिकित्सकों की वीआईपी ड्यूटी लगाई गई थी। एमएमजी अस्पताल के तीन फिजिशियन में से दो फिजिशियन की वीआईपी ड्यूटी लगाई गई थी। एक फिजिशियन और इंटर्न ने मरीजों को देखा। इसके अलावा दो सर्जन, एक एनेस्थेटिस्ट के वीआईपी ड्यूटी में होने केकारण एक भी सर्जरी नहीं हो पाई। सर्जरी की तिथि टाल दी गई। संयुक्त अस्पताल में भी तैनात एकमात्र फिजिशियन के वीआईपी ड्यूटी में जाने केबाद सामान्य मरीजों को बाल रोग विशेषज्ञ और इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर ने देखा। वहीं एमएमजी अस्पताल में अधिकतर ओपीडी में इंटर्न ने मरीजों का चेकअप किया। संयुक्त अस्पताल के सीएमएस डॉ. विनोद चंद्र पांडेय ने बताया कि अस्पताल से एक सर्जन और एक एनेस्थेटिस्ट गए थे। कोई बड़ी सर्जरी नहीं हो पाई लेकिन सामान्य सर्जरी प्रभावित नहीं हुई। वहीं एमएमजी अस्पताल के फिजिशियन डॉ. मनोज चतुर्वेदी ने बताया कि एक भी सर्जरी नहीं हुई लेकिन ओपीडी प्रभावित नहीं हो पाई।
साफ चादरें, स्ट्रेचर, व्हील चेयर सब बाहर
मुख्यमंत्री के आगमन पर दोनों अस्पतालों में विशेष साफ-सफाई के अलावा बेड पर साफ चादरें, नए-नए व्हील चेयर और स्ट्रेचर आदि निकाले गए थे। एमएमजी में इमरजेंसी के बाहर हमेशा बिना चादरों के स्ट्रेचर पड़े होते हैं वहीं मंगलवार को सभी स्ट्रेचर पर चादरें डाली गईं। सीएमएस कार्यालय के बाहर नई सफेद चादर के साथ स्ट्रेचर और नई व्हील चेयर लगाई गई थी। संयुक्त अस्पताल में भी ट्रॉमा सेंटर के वार्ड में सफेद चादरें बिछाई हुई थीं लेेकिन एक भी मरीज भर्ती नहीं था। दोनों सरकारी अस्पतालों सहित तीन निजी अस्पताल में सेफ हाउस बनाया गया था। एमएमजी में बाहर घूमते रहने वाले मरीजों को जबरदस्ती वार्ड में भर्ती कराया गया।