मोदीनगर, लोनी और डासना में लगेंगी नई औद्योगिक इकाइयां
गाजियाबाद। जनपद के मोदीनगर, लोनी और डासना क्षेत्र में नई औद्योगिक इकाइयां लगेगी। नई उद्योग लगने से क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। 87 नई औद्योगिक इकाइयां स्थापित करने के प्रस्ताव आने केबाद जिला उद्योग केंद्र ने 101 हेक्टेयर भूमि चिह्नित करनी शुरू कर दी है। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे से सटे मोदीनगर के भोजपुर में 500 करोड़ की लागत से पहला निजी औद्योगिक पार्क बनेगा। वहीं लोनी के ट्रॉनिका सिटी में 560 करोड़ की लागत से दूसरे निजी औद्योगिक पार्क के लिए जमीन चिह्नित की गई है।
वहीं वेयर हाउस लॉजिस्टिक पार्क के लिए डासना में जमीन चिह्नित की गई है। फरवरी में लखनऊ में होने वाले ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट-2023 के लिए सर्वाधिक 64 प्रस्ताव माइक्रो-स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज (एमएसएमई) से जुड़ी इकाइयों के आए हैं। ऐसे में इन क्षेत्रों के आसपास एमएसएमई से जुड़ी इकाइयों के लिए जमीन की तलाश की जा रही है। जिला उद्योग प्रोत्साहन केंद्र को शासन से मिले 8000 करोड़ के निवेश का लक्ष्य में से विभाग को अब तक 3614 करोड़ केप्रस्ताव पाने में सफलता मिली है। ऐसे में निवेश के नए प्रस्ताव आने के बाद विभाग को और भूमि चिह्नित करनी होगी।
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भारी उद्योगों के लिए जमीन चिह्नीकरण चुनौती:
इंवेस्टर्स समिट के लिए सर्वाधिक 2360 करोड़ के छह प्रस्ताव इंडस्ट्रियल पार्क और भारी उद्योगों से जुड़े आए हैं। इनमें से औद्योगिक पार्क के लिए तो जमीन चयनित कर ली गई है, लेकिन बाकी भारी उद्योगों के लिए जमीन खोजना चुनौतीपूर्ण साबित होगा। जिला उद्योग केंद्र की ओर से यूपी सीडा के माध्यम से भारी उद्योगों के लिए जमीन की तलाश की जा रही है। विभागीय अधिकारी भूमि के बाबत जल्द सफलता मिलने की संभावना जता रहे हैं।
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कनेक्टिविटी बनी निवेशकों की पसंद:
मोदीनगर, डासना और लोनी क्षेत्र की बेहतर कनेक्टिविटी वरदान साबित हो रही है। आवागमन के बेहतर विकल्प के कारण निवेशक जनपद को वरीयता दे रहे हैं। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे शुरू होने के बाद मेरठ से गाजियाबाद और दिल्ली की दूरी आधा से पौने घंटे की रह गई है। ऐसे में एक्सप्रेस-वे से सटा मोदीनगर का भोजपुर क्षेत्र निवेशकों की पसंद बन रहा है। दूसरी ओर डासना क्षेत्र ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे केसाथ दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे और एनएच-9 से सटा है। ऐसे में ऐसे में वेयरहाउस लॉजिस्टिक पार्क को इस क्षेत्र में वरीयता दी गई है। कनेक्टिविटी के मामले में लोनी क्षेत्र निवेशकों के लिए संभावनाओं के दरवाजे खोलेगा।
मास्टर प्लान में चिह्नित जिला पंचायत भूमि को वरीयता:
उपायुक्त उद्योग श्रीनाथ पासवान का कहना है कि निवेश के आए प्रस्तावों को देखते हुए फिलहाल सर्वाधिक जमीन लोनी क्षेत्र में चिह्नित की गई है। यूपी सीडा के अलावा विभागीय स्तर से जमीन की तलाश जारी है। मास्टर प्लान-2031 में चिह्नित जिला पंचायत की भूमि को भी वरीयता दी जाएगी। भारी उद्योगों के लिए भूमि के तलाश के अतिरिक्त प्रयास किए जा रहे हैं।
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