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दो औद्योगिक क्षेत्रों के साथ लगेंगी 87 नई इकाइयां, 14939 को मिलेगा रोजगार

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दो औद्योगिक क्षेत्रों के साथ लगेंगी 87 नई इकाइयां, 14939 को मिलेगा रोजगार
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गाजियाबाद। औद्योगिक हब गाजियाबाद में आने वाले सालों में दो औद्योगिक क्षेत्रों के विकास के साथ 87 नई इकाइयां स्थापित होंगी। ऐसे में जनपद में लगने वाली औद्योगिक इकाइयों से 14939 लोगों को रोजगार मिलेगा। डासना और लोनी क्षेत्र में 1060 करोड़ की लागत से जिले के पहले दो निजी इंडस्ट्रियल पार्क विकसित होंगे। वहीं डासना में 550 करोड़ की लागत से वेयर हाउस लॉजिस्टिक पार्क का विकास होगा।
इसके अलावा 900 करोड़ की लागत से वायर सहित दो इकाइयां स्थापित होंगी। फरवरी में लखनऊ में होने वाले ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट-2023 में भाग लेने के लिए निवेशकों में रुझान देखने को मिल रहा है। समिट के लिए जिला उद्योग प्रोत्साहन केंद्र को शासन से 8000 करोड़ के निवेश का लक्ष्य मिला है। केंद्र ने लक्ष्य मिलने के दो सप्ताह के अंदर आधी दूरी तय कर ली है। नवंबर के साथ दो माह का समय और शेष रहने से शासन से मिले लक्ष्य को जल्द पूरा करने की संभावना जताई जा रही है।
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एमएसएमई की 64 और टेक्सटाइल गारमेंट की 17 प्रस्ताव:
ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट के लिए सर्वाधिक 64 प्रस्ताव माइक्रो-स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज (एमएसएमई) से जुड़ी इकाइयों के आए हैं। एमएसएमई से जुड़े प्रस्ताव 1150 करोड़ से ऊपर के हैं। इनमें मुख्य रूप से इंजीनियरिंग गुड्स, व्हीकल स्क्रेपिंग, कृषि व फूड प्रोसेेसिंग उत्पाद, हेलमेट, पीवीसी वायर, इलेक्ट्रिकल गुड्स, इलेक्ट्रिकल पार्ट्स, स्टील एंड वायर, पेपर उत्पाद, प्लास्टिक मोल्ड फर्नीचर, रबर पाइप, ऑटो पार्ट्स सहित अन्य इकाइयों के हैं। इसके बाद 1145 करोड़ के 17 प्रस्ताव टैक्सटाइल एंड गारमेंट सेक्टर से आए हैं। शासन स्तर से मिली कई तरह की रियायत व सहूलियत को देखते हुए निवेशकों की पहली पसंद जिला बन रहा है।
एनसीआर में बेहतर कनेक्टिविटी से निवेशक आ रहे आगे:
एनसीआर का हिस्सा होने के साथ सबसे बेहतर कनेक्टिविटी को देखते हुए देशभर से निवेशक गाजियाबाद में निवेश करने केलिए आगे आ रहे हैं। कनेक्टिविटी की बात करें तो डासना और लोनी क्षेत्र की कनेक्टिविटी सबसे बेहतर है। डासना के पास से ही ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे केसाथ दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे और एनएच-9 गुजर रहा है। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे से सटा मोदीनगर व भोजपुर क्षेत्र निवेशकों को रास आ रहा है। डासना से दिल्ली की दूरी अब केवल 10 से 15 मिनट की रह गई है। दूसरी ओर लोनी क्षेत्र ईस्टर्न पेरिफेरल से जुड़ा हुआ है। दिल्ली से देहरादून ग्रीन एक्सप्रेस को तेजी से निर्माण जारी है, जो कि लोनी से गुजर रहा है। ऐसे में औद्योगिक संभावनाओं को देखते हुए निवेशक जनपद को वरीयता दे रहे हैं।
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यूपीसीडा के साथ विभागीय स्तर पर भूमि की तलाश जारी:
उपायुक्त उद्योग श्रीनाथ पासवान का कहना है कि जनपद में निवेश करने वाले निवेशकों को उनकी परियोजनाओं के लिए भूमि उपलब्ध करवाने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। इस बाबत क्षेत्रीय प्रबंधक यूपीसीडा राकेश झा से वार्ता की गई है। उन्होंने समिट में भाग लेने वाले नए निवेशकों और उद्यमियों की मांग के अनुसार भूमि का आंकलन कर यूपीसीडा के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में प्राथमिकता के आधार पर आवंटन कराने की बात कही है। विभागीय स्तर से भी जमीन के बाबत प्रयास जारी हैं।
निवेशकों के आए प्रस्ताव एक नजर में:
इंडस्ट्रीज कुल प्रस्ताव कुल राशि
एमएसएमई 64 1150
गारमेंट टैक्सटाइल 17 1145
इंडस्ट्रियल पार्क व
हैवी इंडस्ट्री 06 2360
सभी इंडस्ट्रीज से पैदा होंगे कुल रोजगार: 14939
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