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मेयर ने गिनाए पांच करोड़ के काम पार्षद बोले, ये तो शुरू तक नहीं हुए

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मेयर ने गिनाए पांच करोड़ के काम पार्षद बोले, ये तो शुरू तक नहीं हुए
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गाजियाबाद। मेयर आशा शर्मा ने अपने साढ़े चार साल के काम को बेमिसाल बताते हुए जो बुकलेट छपवाई है, उस पर विवाद हो गया है। पार्षदों का कहना है कि मेयर ने इस बुकलेट में पांच करोड़ के ऐसे विकास कार्य होना बताए हैं जो हकीकत में शुरू तक नहीं हुए हैं। पार्षदों ने इनके पूरा ब्योर?ा दिया है। उनका सवाल है कि जिन कार्यो का शिलान्यास तक नहीं हुआ, उन्हें पूरा बताए जाने का दावा सही कैसे हो सकता है?
यह बुकलेट सभी 100 वार्डों में कराए गए विकास कार्यो का ब्योरा देने के लिए छपवाई गई है। इसे नाम दिया है, 4.5 साल बेमिसाल। मेयर इसे एक-दो दिन में बुकलेट को लोगों के सामने जारी करेंगे। इससे पहले ही कुछ पार्षदों के हाथ यह लग गई है। उन्होंने इसमे उनके वार्ड के बारे में किए गए दावों को देखा तो सवाल उठा दिए। उनका कहना है कि जब यह बुकलेट सभी पार्षदों को मिल जाएगी तो वे भी चौंक सकते हैं। शहर में कई विकास कार्य ऐसे बताए गए हैं जिनकी शुरुआत ही नहीं हो सकी है।
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पार्षद जाकिर सैफी का कहना है कि सभी वार्डों में 60-60 लाख के विकास कार्य होने थे। इनमें से अधिकांश काम हुए ही नहीं। बुकलेट में दर्शाए गए कई कामों के टेंडर हो चुके हैं लेकिन वर्कआर्डर जारी नहीं किए गए हैं। भुगतान नहीं मिलने से ठेकेदारों ने काम नहीं किया।
कागजों में हो गए काम
1. वार्ड नंबर 67 के पार्षद अजय शर्मा का कहना है कि उनके वार्ड 67 के राजनगर सेक्टर 8/63 में पार्क की चहारदीवारी के निर्माण और सुंदरीकरण पर 18 लाख का खर्चा बुकलेट में दिखाया गया है जबकि चहारदीवारी आज भी टूटी पड़ी है।
2. राजनगर सेक्टर सात आठ की रोड की मरम्मत का काम दिखाया है लेकिन रोड पर भी काम नहीं हुआ है। इसकी लागत 12 लाख रुपये दर्शायी गई है।
3. राजनगर सेक्टर 07 में ई-1 से डी 01 से डी 05 होते हुए महावीर इंटर कालेज तक आरसी नाला व रोड टाइल्स का कार्य दर्शाया गया है। इस पर 11 लाख का खर्च बताया गया है।
4. वार्ड 67 में ही हापुड़ चुंगी से राजनगर एक्सटेंशन चौक तक सड़क सुधार के लिए 220.90 लाख खर्च बुकलेट में दर्शाया गया है। इसका काम भी शुरू नहीं हुआ है।
दावों और हकीकत में बड़ा अंतर
1.वार्ड नंबर 14 की पार्षद चंपा माहौर का कहना है कि उनके वार्ड में भी सात विकास कार्य ऐसे हैं जिसे बुकलेट में दर्शाया गया है लेकिन काम नहीं कराए गए हैं। विजयनगर जोनल कार्यालय का निर्माण करीब एक करोड़ से अधिक राशि में दर्शाया गया है जबकि कोई निर्माण नहीं हुआ है।
2. पांच पार्कों का सुंदरीकरण और बेंच देने, सर्वोदय नगर वन इंडिया मॉल के पीछे 10 एचपी के पंप का रिबोर, डीएवी चौक तक डिवाडर का निर्माण, विजय नगर सेक्टर नौ ई ब्लॉक की सड़क का निर्माण अभी तक नहीं कराया गया है।
3. सड़क के निर्माण में करीब 19 लाख का खर्च बुकलेट में दर्शाया गया है। करीब ढाई करोड़ के काम ऐसे हैं जो बुकलेट में हैं पर धरातल पर हकीकत कुछ और है।
अफसर बोले, हमें जानकारी नहीं
पार्षद ने जब नगर आयुक्त और मुख्य अभियंता को बुकलेट दिखाकर जानकारी मांगी तो अफसरों ने जानकारी से इनकार कर दिया। नगर आयुक्त का कहना है बुकलेट कब छपी किसने छपवाई कोई जानकारी नहीं है।
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मेयर की दलील, टेंडर हो चुके हैं
मेयर आशा शर्मा का कहना है कि साढ़े चार साल में जिन कामों को कराया गया है, जिन कामों के टेंडर हो गए हैं, उनकी सूची तैयार कर बुकलेट तैयार की गई है। जिन कामों के टेंडर हुए हैं वे सारे काम होने हैं। इनके वर्क आर्डर जारी किए जा रहे हैं।
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