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फिजिशियन पर लगाया जातिसूचक शब्द का इस्तेमाल करने का आरोप

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फिजिशियन पर लगाया जातिसूचक शब्द का इस्तेमाल करने का आरोप
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गाजियाबाद। संयुक्त अस्पताल में बृहस्पतिवार को मरीज के परिजनों ने चिकित्सक पर जातिसूचक शब्द इस्तेमाल करने का आरोप लगाकर हंगामा किया। हंगामे के बाद सभी सीएमएस के पास पहुंचे और चिकित्सक की शिकायत करते हुए माफी मंगवाने की मांग की। सीएमएस ने मरीज के परिजनों को मामले की जांच कर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। वहीं, चिकित्सक का कहना था कि सभी आरोप बेबुनियाद हैं उन्होंने जातिसूचक शब्द का इस्तेमाल नहीं किया। परिजनों ने मधुबन बापूधाम में तहरीर दी है।
संयुक्त अस्पताल में विजय नगर से आई मरीज निशा के परिजनों ने वरिष्ठ फिजिशियन पर जातिसूचक शब्द इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। मरीज के परिजनों के साथ आजाद समाज पार्टी के सदस्य भी अस्पताल पहुंचे और चिकित्सक के कमरे में जाकर हंगामा किया। मरीज के परिजनों का आरोप है कि चिकित्सक ने न सिर्फ उन्हें बल्कि अस्पताल में तैनात अनुसूचित जाति के चिकित्सकों पर भी टिप्पणी की। निशा की बहन ज्योति चौधरी ने बताया कि फिजिशियन ने उनके मरीज की बिना जांच किए ही अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया था। जबकि मरीज को छाती में इंफेक्शन व बुखार है और वह अभी भी इमरजेंसी में भर्ती है। मरीज के परिजनों का कहना है कि वे उच्चाधिकारियों से शिकायत करेंगे। वहीं, सीएमएस विनोद चंद्र पांडेय ने कहा कि लिखित में शिकायत मिलने पर मामले की जांच की जाएगी।
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दो घंटे तक बाधित रही ओपीडी
आजाद समाज पार्टी के सदस्य बड़ी संख्या में परिजनों के साथ सबसे पहले ओपीडी में पहुंचे। चिकित्सक के केबिन में पहुंचकर दो घंटे तक हंगामा और बहस की। उन्होंने चिकित्सक से माफी मांगने को कहा। हंगामे के बाद चिकित्सक अपना कमरा बंद कर बाहर निकल गए।
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की जा रही है राजनीति
फिजिशियन डॉ. आरसी गुप्ता ने कहा कि राजनीति के तहत मुझे फंसाया जा रहा है। किसी को जातिसूचक शब्द नहीं कहेे। दो दिन पहले इमरजेंसी में तैनात चिकित्सक ने यह धमकी दी थी कि अस्पताल में रहने नहीं देंगे।मरीजों की आड़ में चिकित्सकों की ही साजिश है।
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