पूर्व अध्यक्ष ने कहा, धांधली, वर्तमान ने कहा सब ठीक है
गाजियाबाद। डिस्ट्रिक बार एसोसिएशन के चुनाव में धांधली, अध्यक्ष व सचिव की वकालत का समय कम होने के आरोप लगाते हुए पूर्व अध्यक्ष और अधिवक्ताओं ने बार काउंसिल उत्तर प्रदेश में शिकायत की है। मामले में बार काउंसिल के चेयरमैन ने अध्यक्ष और सचिव को रविवार को अपना पक्ष रखने के लिए प्रयागराज तलब किया है।
पूर्व बार अध्यक्ष नाहर सिंह यादव ने बार काउंसिल उत्तर प्रदेश को पत्र लिखकर बताया था कि सभी बार एसोसिएशन के वार्षिक चुनाव में प्रत्याशियों के चुनाव लड़ने की समय सीमा तय है। इसमें अध्यक्ष पद के लिए वकालत करने का 25 वर्ष का अनुभव और सचिव पद के प्रत्याशियों के लिए 15 वर्ष है। आरोप है कि 2021-22 के चुनाव में एल्डर कमेटी और कुछ अधिवक्ताओं की सांठगांठ से अध्यक्ष पद पर योगेंद्र कौशिक और सचिव पद पर नितिन यादव को विजयी घोषित कर दिया गया। जबकि, योगेंद्र कौशिक का पंजीकरण 2008 और नितिन यादव का पंजीकरण 2019 में हुआ था।
वहीं, डिस्ट्रिक बार के अध्यक्ष योगेंद्र कौशिक का कहना है कि मतदाता सूची में कोई धांधली नहीं हुई है। एल्डर कमेटी ने तय किया था कि अध्यक्ष पद के लिए 20 साल और सचिव पद के लिए 10 साल का अनुभव होना चाहिए। इसी के आधार पर चुनाव लड़ा था। नौ सितंबर को बार काउंसिल में अपना पक्ष रखा जाएगा। सभी आरोप निराधार हैं।