12 वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म के आरोपी सगे भाइयों की जमानत अर्जी खारिज
गाजियाबाद। खोड़ा क्षेत्र में दो 12 वर्षीय बच्ची से सामूहिक दुष्कर्म करने वाले सगे भाइयों की जमानत अर्जी अदालत ने खारिज कर दी। दुष्कर्म से बच्ची के गर्भवती हो गई थी और शारीरिक बदलाव होने पर मां-बाप को घिनौने कृत्य की जानकारी हुई। पाक्सो कोर्ट के न्यायाधीश हर्षवर्धन ने जमानत अर्जी पर सुनवाई करते हुए कहा कि इस तरह का कृत्य समाज के लिए घृणित और गंभीर है, इसलिए दोनों की जमानत अर्जी खारिज की जाती है।
विशेष लोक अभियोजक हरीश कुमार ने बताया कि खोड़ा थाने में पांच सितंबर को पिता ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसमें बताया कि थाना क्षेत्र के एक कॉलोनी में किराये पर रहकर मजदूरी करता है। उसी मकान में ऊपरी तल पर कल्लू और प्रदीप भी अपने मां-बाप के साथ किराये पर रहते हैं। आरोपियों का पिता भी मजदूरी करता है। जनवरी में आरोपी और बच्ची के मां-बाप मजदूरी करने चले गए थे। उसी दौरान मासूम के साथ 12वीं में पढ़ाई करने वाले छात्र प्रदीप और उसके भाई कल्लू ने सामूहिक दुष्कर्म किया। वारदात के बाद बच्ची को बुरी तरह से डरा-धमका दिया और कहा कि अगर किसी से कुछ बताया तो उसके परिवार को जान से मार देंगे। पीड़िता ने डर की वजह से यह बात घर में किसी को भी नहीं बताई और घटना के करीब सात महीने बाद जब पीड़िता के पेट में दर्द होने लगा और शारीरिक बदलाव होने लगा तब उसके माता-पिता ने पूछताछ की। इसके बाद बच्ची ने दोनों की करतूत बताई। इसके बाद मां-बाप उसे डॉक्टर के पास ले गए उसकी जांच कराई। जांच के बाद डॉक्टर ने बताया कि पीड़िता आठ महीने 15 दिन की गर्भवती है। डॉक्टरों ने बच्ची की जान का खतरा भी बताया है। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने कल्लू और प्रदीप को रफ्तार कर जेल भेज दिया था। कल्लू और प्रदीप को जमानत दिलाने के लिए उसके अधिवक्ता ने अदालत में जमानत अर्जी दाखिल की थी।