निलंबन का दिखाया डर तो पांच महीने से रुका काम पांच मिनट में हुआ
गाजियाबाद। जीडीए द्वारा आवंटित भूखंड पर नाम चढ़वाने के लिए महिला को कार्यालय के चक्कर लगवाने वाले लिपिक ने निलंबन के डर से पांच महीने से रुका काम पांच मिनट में कर दिया। अपर सचिव ने संबंधित लिपिकों को निलंबित करने की संस्तुति करने को कहा तो काम में तेजी आई।
पटेलनगर निवासी श्रीनिवास मित्तल की जमीन जीडीए ने मेट्रो के लिए ली थी। इसके बदले में उन्हें जीडीए ने पटेलनगर में एक भूखंड दिया था। बीमारी के चलते श्रीनिवास मित्तल का कुछ माह पूर्व निधन हो गया था। इसके बाद उनकी पत्नी सुधा मित्तल ने भूखंड अपने नाम दर्ज कराने के लिए पांच माह पूर्व आवेदन किया था, उसके बाद से ही लिपिक कभी फाइल गायब होने तो कभी नए-नए बहाने बनाकर बुजुर्ग को एक दूसरे के पास भेज रहे थे। शनिवार को वह अपर सचिव सीपी त्रिपाठी के पास पहुंचीं और लिपिकों द्वारा परेशान किए जाने की बात बताई। बुजुर्ग की परेशानी सुनकर अपर सचिव ने संबंधित सभी लिपिकों को तत्काल तलब किया और निलंबन की चेतावनी दी। निलंबन के डर से लिपिकों ने पांच माह से लंबित काम पांच मिनट में कर दिया।