फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सड़क पर दौड़ रही हैं 57 बीमार एंबुलेंस

सार

सड़क पर दौड़ रही हैं 57 बीमार एंबुलेंस गाजियाबाद।यह अनफिट एंबुलेंस कभी भी मरीजों के लिए खतरा बन सकती हैं।अनफिट एंबुलेंस को परिवहन विभाग की ओर से कई बार नोटिस भेजा जा चुका है।
विज्ञापन
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सड़क पर दौड़ रही हैं 57 बीमार एंबुलेंस
विज्ञापन

गाजियाबाद। जिले में 57 वैन नीली बत्ती लगाकर सड़कों पर दौड़ रही हैं, जिनकेफिटनेस समाप्त हो चुके हैं। इन वाहनों का पंजीकरण एंबुलेंस के रूप में हुआ है। परिवहन विभाग द्वारा नोटिस जारी करने के बावजूद इन एंबुलेंस का फिटनेस नहीं कराया जा रहा है। यह अनफिट एंबुलेंस कभी भी मरीजों के लिए खतरा बन सकती हैं। परिवहन विभाग की कार्रवाई भी सिर्फ नोटिस तक ही सिमट कर रह गई है। पिछले एक साल में किसी अनफिट एंबुलेंस को सीज नहीं किया गया है।
परिवहन विभाग के अनुसार जिले में 179 एंबुलेंस पंजीकृत हैं। इनमें से 170 अलग-अलग निजी नर्सिंग होम और अस्पताल में संचालित हैं, जबकि नौ एंबुलेंस स्वास्थ्य विभाग ने पंजीकरण कराया है। अब 108 और 102 एंबुलेंस का पंजीकरण लखनऊ स्तर से होता है। नौ पंजीकृत एंबुलेंस संयुक्त अस्पताल, एमएमजी और महिला अस्पताल की हैं। अनफिट एंबुलेंस को परिवहन विभाग की ओर से कई बार नोटिस भेजा जा चुका है।
विज्ञापन

निजी एंबुलेंस डग्गामार
जिले में कई निजी एंबुलेंस डग्गामारी में दौड़ रही हैं। पुरानी मारुति वैन खरीदकर लोग एक हूटर लगा लेते हैं और उल्टे अक्षरों में एंबुलेंस लिखकर दौड़ा रहे हैं। इनका रजिस्ट्रेशन भी एंबुलेंस के रूप में परिवहन विभाग में दर्ज नहीं है। चालक इन्हें बेखौफ सड़कों पर दौड़ा रहे हैं।
एंबुलेंस को हर दो साल में फिटनेस करानी पड़ती है। फिटनेस खत्म होने से 30 दिन पहले ही एंबुलेंस संचालक के मोबाइल पर मेसेज भेजा जाता है। इसके अलावा फिटनेस खत्म होने के बाद विभाग की ओर से नोटिस जारी किया जाता है। एंबुलेंस को सड़क पर दौड़ते हुए पकड़ने पर पांच हजार रुपये जुर्माने का प्रावधान है। अनफिट एंबुलेंस सड़क पर नहीं दौड़ सकती। दो साल में फिटनेस के खर्चे से बचने के लिए एंबुलेंस संचालक मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं।
तीन श्रेणियों में होता है एंबुलेंस रजिस्ट्रेशन
परिवहन विभाग के निरीक्षक विध्यांचल गुप्ता ने बताया कि एआईएस 125 नियम के तहत एंबुलेंस का तीन श्रेणी ए, बी और सी में पंजीकरण होता है। इसलिए तीनों श्रेणियों के फिटनेस नियम अलग-अलग हैं। एंबुलेंस में एसी, अग्निशमन यंत्र, इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन ईएमटी ऑक्सीजन सिलिंडर के अलावा जरूरी दवाएं होनी चाहिए।
विज्ञापन

सीज होने के साथ ही दर्ज होगी रिपोर्ट
एआरटीओ प्रशासन राहुल श्रीवास्तव का कहना है कि फिटनेस समाप्त हो चुके सभी एंबुलेंस संचालकों को नोटिस जारी किया जा चुका है। अगर कोई भी एंबुलेंस बिना फिटनेस सड़क पर चलती हुई पाई गई तो प्रवर्तन टीम सीज करने के साथ ही संबंधित थाने में रिपोर्ट भी दर्ज कराएगी।
आरटीओ में पंजीकृत एंबुलेंस
कुल एंबुलेंस - 179
सरकारी एंबुलेंस - 9
प्राइवेट एंबुलेंस - 170
बिना फिटनेस - 57
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें