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दो-दो आधार कार्ड और पैन कार्ड लगाकर मुआवजा लेने का प्रयास

सार

दो-दो आधार कार्ड और पैन कार्ड लगाकर मुआवजा लेने का प्रयासगाजियाबाद।बैंक से डिटेल मंगाई तो पता चला कि बैंक खाता दूसरे आधार कार्ड व पैन कार्ड पर खुलवाया गया था जिस पर लोनी का पता ही दर्ज है।इसलिए मामले की जांच अनिवार्य रूप से कराई जाए।
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दो-दो आधार कार्ड और पैन कार्ड लगाकर मुआवजा लेने का प्रयास
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गाजियाबाद। एक साथ दो-दो आधार कार्ड और पैन कार्ड लगाकर फर्जी दस्तावेज पेश कर 49.31 लाख रुपये का मुआवजा लेने के प्रयास के मामले में अदालत ने जांच का आदेश दिया है। साथ ही अदालत ने यह भी कहा है कि अगर जांच में दस्तावेज फर्जी पाए जाते हैं, तो संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-9 तेंद्र पाल की अदालत ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पूरे प्रकरण की गहनता से जांच के आदेश एसएसपी गाजियाबाद को दिया है।
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सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता आदेश त्यागी ने बताया कि कई साल पहले मैसर्स दुर्गा हाउसिंग कारपोरेशन की जमीन का अधिग्रहण हुआ था। उसका एक बार मुआवजा दिया जा चुका है। अब इस कंपनी ने बढ़ी हुई दर से दोबारा मुआवजा लेने के लिए अदालत में याचिका दायर की थी। मुआवजे की रकम उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड द्वारा अदालत में जमा कराया जा चुका है। कंपनी की तरफ से प्रोपराइटर शरद भारद्वाज के नाम से आवेदन किया गया। शपथ पत्र के साथ आधार कार्ड व पैन कार्ड की प्रति व बैंक खाते की पासबुक की प्रति अदालत में पेश की गई। दस्तावेजों की जांच में पता चला है कि आधार कार्ड व पैन कार्ड पर दिल्ली का पता लिखा है, जबकि बैंक खाते की पासबुक पर लोनी, गाजियाबाद दर्ज है। बैंक से डिटेल मंगाई तो पता चला कि बैंक खाता दूसरे आधार कार्ड व पैन कार्ड पर खुलवाया गया था जिस पर लोनी का पता ही दर्ज है। दोनों पैन कार्ड व आधार कार्ड पर नाम शरद भारद्वाज का लिखा है, लेकिन फोटो व पता अलग-अलग है। यह तथ्य सामने आने पर अदालत ने कहा कि आवेदक द्वारा फर्जी दस्तावेजों के आधार पर षडयंत्र रचकर असली शख्स की मुआवजे की रकम हड़पने का प्रयास किया गया है। इसलिए मामले की जांच अनिवार्य रूप से कराई जाए।
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