खुलासा : सुर्खियां बटोरने के लिए डॉक्टर ने खुद बनाई थी धमकी मिलने की कहानी
गाजियाबाद। डॉक्टर अरविंद वत्स अकेला को सिर तन से जुदा करने की धमकी नहीं मिली थी। उसने सुर्खियां बटोरने के लिए इसकी झूठी कहानी खुद बनाई थी। पुलिस ने रविवार को उसके झूठ से पर्दा उठा दिया। जांच में पता चला कि उसे उसके पुराने मरीज ने इंटरनेट कॉलिंग के जरिये अपनी बीमारी के बारे में बताया था। इसी को उसने धमकी मिलने बताकर सिहानी गेट थाने में केस दर्ज करा दिया था। इसका खुलासा होते ही अकेला फरार हो गया है। पुलिस का कहना है कि उसे गिरफ्तार किया जाएगा।
जिस मरीज ने उसे इंटरनेट कॉलिंग के जरिये कॉल की, वह दिल्ली के मालवीयनगर का अनीश कुमार है, जो मूलरूप से बिहार के छपरा का निवासी है। उसकी डॉ. अकेला के क्लीनिक पर काम करने वाले करण से पहले से जान-पहचान थी। करण के कहने पर ही वह 27 अगस्त को डॉक्टर अकेला के पास आया था। उसे सांस लेने में तकलीफ थी और पैरों में सूजन थी। अकेला से दवा लेकर वह चला गया। अकेला का क्लीनिक लोहियानगर के पास सीताराम हृदयनाथ चिकित्सालय के नाम से है।
एसपी सिटी निपुण अग्रवाल ने बताया कि दो सितंबर को अनीश ने कॉल करके अकेला से कहा कि उसकी दवा लेने के बाद पैरों में सूजन बढ़ गई है और सांस लेने में भी पहले से ज्यादा दिक्कत हो रही है। इंटरनेट कॉलिंग में देश का कोड अमेरिका का आया। इसी को देखकर अकेला ने सोच लिया कि वह झूठी कहानी बनाएगा तो लोग यकीन कर लेंगे और समझेंगे कि धमकी भरी कॉल अमेरिका से ही आई है। उसने शायद यह भी सोचा कि इंटरनेट कॉल को पुलिस ट्रेस नहीं कर पाएगी। पुलिस की जांच में यह भी साफ हो गया कि अकेला ने सुर्खियां बटोरने के लिए यह झूठी कहानी बनाई थी। उसकी तलाश की जा रही है।
सूजे हुए पैर की फोटो को बताया कटे हुए अंग के
अनीश से बातचीत के बाद अकेला ने कहा था कि वह उसे व्हाट्सएप से अपने सूजे हुए पैर के फोटो भी भेज दे ताकि उसे पता चल सके कि सूजन कितनी है, अनीश ने ये फोटो भेज दिए। अकेला ने नौ सितंबर को जो एफआईआर दर्ज कराई, उसमें यह भी लिखवाया कि धमकी के साथ कटे हुए अंगों के फोटो भेजे गए हैं। साइबर सेल ने व्हाट्सएप नंबर के जरिये ही अनीश का पता लगाया। उसे बुलाकर पूछताछ की तो पूरा खुलासा हो गया। अनीश ने कंप्यूटर में सी-प्लस कोर्स कर रखा है। वह कंप्यूटर और इंटरनेट का अच्छा जानकार है। बातचीत के लिए इंटरनेट कॉलिंग का ही ज्यादा इस्तेमाल करता है।
स्क्रिप्ट ऐसी लिखी... पुलिस भी यकीन कर बैठी
अकेला ने ऐसी स्क्रिप्ट लिखी थी कि एक बार तो पुलिस भी यकीन कर बैठी। उसने 11 सितंबर को तहरीर दी। इस पर तुरंत केस दर्ज कर लिया गया। जांच शुरु हुई तो राज खुला। उसने तहरीर में लिखा था कि उसे धमकी में कहा गया है, तुझे मोदी और योगी बचा नहीं पाएंगे, जहां कन्हैया और उमेश को भेजा है, तुझे भी वहीं भेज देंगे। गुस्ताख ए रसूल की एक ही सजा, सिर तन से जुदा... सिर तन से जुदा। अकेला के बाद दो और लोगों ने सिर तन से जुदा करने की धमकी मिलने की शिकायत पुलिस से की है। इन दोनों मामलों की जांच अभी चल रही है।