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आमदनी देखकर तय होगा निगम की दुकानों का किराया

सार

आमदनी देखकर तय होगा निगम की दुकानों का किरायागाजियाबाद।कमेटी की रिपोर्ट आ जाने के बाद ही स्मार्ट पार्किंग के नियम और शर्तें तय की जाएंगी।अनुमति नहीं ली गई तो सदन से बड़ा कोई कानून या शासनादेश नहीं है।
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आमदनी देखकर तय होगा निगम की दुकानों का किराया
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गाजियाबाद। नगर निगम की 1702 दुकानों के किराये में वृद्धि आमदनी देखकर तय की जाएगी। इसके लिए सर्वे कराया जाएगा। यह फैसला शुक्रवार को हुई नगर निगम की बोर्ड बैठक में भारी हंगामे के बाद लिया गया। पार्षदों ने शासन से मंजूर की गई स्मार्ट पार्किंग का भी विरोध किया। इस पर महापौर ने कमेटी के गठन का एलान कर दिया। कमेटी की रिपोर्ट आ जाने के बाद ही स्मार्ट पार्किंग के नियम और शर्तें तय की जाएंगी। सुबह 11 से देर शाम सात बजे तक सात घंटे चली बैठक में 29 प्रस्ताव रखे गए, लेकिन चार घंटे हंगामे की भेंट चढ़ गए। इस वजह से सिर्फ दस पर चर्चा हो सकी।
सबसे ज्यादा हंगामा स्मार्ट पार्किंग के प्रस्ताव पर हुआ। पार्षदों का कहना था कि सदन की अनुमति के बिना शासन को पत्र भेजकर अधिकारियों ने नियमों की अनदेखी की है। नगर निगम की जमीन पर पार्किंग स्थल के लिए पार्षदों और निगम के अधिकारियों से सर्वे कराया जाना चाहिए न कि किसी कंपनी से। पार्षदों ने कहा, पार्किंग का ठेका कितने साल के लिए दिया जाना है, कितना शुल्क होना चाहिए, पार्किंग से बाहर वाहन खड़ा करने पर कितना जुर्माना होना चाहिए, यह सदन में चर्चा के बाद तय होना चाहिए। अधिकारी सब कुछ खुद तय कर लेना चाहते हैं। हंगामा बढ़ता देख महापौर ने पार्षदों को शांत कर तीन सदस्यीय टीम गठित कर एक हफ्ते में रिपोर्ट सदन के सामने रखने का आश्वासन दिया। नगर आयुक्त को निर्देशित किया कि टीम का गठन जल्द से जल्द किया जाए। इसके बाद दुकानों का किराया बढ़ाए जाने के प्रस्ताव पर हंगामा हुआ। पार्षदों ने शासन की मंजूरी को मानने से इनकार कर दिया। पार्षद राजेंद्र त्यागी ने महापौर से सवाल उठाया कि पत्र को शासन में भेजने से पहले क्या सदन से अनुमति ली गई। अनुमति नहीं ली गई तो सदन से बड़ा कोई कानून या शासनादेश नहीं है। सभी दुकानदारों पर एक सामन किराया वृद्धि ठीक नहीं हैं। जैसी दुकान वैसा कर लगना चाहिए।
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तीन श्रेणियों में होगा दुकानों का वर्गीकरण
विरोध के बाद नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर ने कहा कि दुकानों का सर्वे कराया जाएगा। एएबी सी श्रेणी में दुकानों का वर्गीकरण किया जाएगा। जिस स्तर की दुकान होगीए आमदनी जैसी होगी उसी के हिसाब से किराये में वृद्धि की जाएगी। करीब एक घंटे तक चर्चा के बाद सर्वे कराने के बाद किराया वृद्धि पर सहमति बनी। इससे पूर्व कार्यकारिणी की बैठक में नगर निगम की 1702 दुकानों का किराया दस फीसदी बढ़ाने का प्रस्ताव लाया गया था। इसे पार्षदों के विरोध के बाद पास कर दिया था। नगर निगम के अधिकारियों ने शासन को प्रस्ताव भेजकर मंजूरी मांगी थी। शासन की मंजूरी के बाद शुक्रवार को बोर्ड बैठक में चर्चा हुई।
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कंपनी ने नोएडा में मचा रखी है अराजकता
पार्षद राजेंद्र त्यागी का कहा कि जिस कंपनी को पार्किंग देने के लिए अधिकारी योजना बना रहे हैं, उसने नोएडा में भी पार्किंग का ठेका लेकर अराजकता फैला रखी है। पार्षद अनिल स्वामी का कहना था कि सभी पार्षद शहर का विकास चाहते हैं लेकिन सदन में चर्चा होने और सभी की सहमति के बाद ही नीतिगत फैसला होना चाहिए।
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