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10 दिन में 583 लोगों ने निगम में कराया कुत्तों का पंजीकरण

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10 दिन में 583 लोगों ने निगम में कराया कुत्तों का पंजीकरण
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गाजियाबाद। पालतू कुत्तों के हमला करने की घटनाएं बढ़ने के बाद नगर निगम ने जुर्माना लगाने और नोटिस जारी करने शुरू किए तो लोगों को कुत्तों के पंजीकरण की याद आई। सितंबर माह के 10 दिनों में 583 लोगों ने पंजीकरण कराया है। पंजीकरण से पहले लोगों ने कुत्तों का टीकाकरण कराना भी शुरू कर दिया है।
अप्रैल 2021 से नगर निगम ने कुत्तों का पंजीकरण कराना अनिवार्य किया था। तब कुत्ते के पंजीकरण का शुल्क 1000 रुपये निर्धारित किया गया था। शुल्क ज्यादा होने की वजह से कुत्तों का पंजीकरण कराने में लोगों ने दिलचस्पी नहीं दिखाई। अगस्त 2022 तक सिर्फ 2000 लोगों ने कुत्तों का पंजीकरण नगर निगम में कराया था, जबकि बीते 10 दिनों में ही 583 लोगों ने पंजीकरण कराया है। लोग ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से घर बैठे अपने कुत्ते का पंजीकरण करा रहे हैं।
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सोसायटियों में जमा करा रहे पंजीकरण की कॉपी
तीन सितंबर को संजय नगर में पिटबुल प्रजाति के कुत्ते ने कुश त्यागी नाम के बच्चे पर पार्क में हमला कर दिया था। इसके बाद पांच सितंबर को राजनगर एक्सटेंशन की चार्म्स कैसल सोसायटी में बीगल प्रजाति के कुत्ते ने लिफ्ट में बच्चे पर हमला किया था। इससे पहले लोनी में भी पिटबुल के हमले में एक बच्चा बुरी तरह जख्मी हो चुका है। लगातार हो रहे ऐसी घटनाओं के बाद सोसायटियों की एओए और मेंटेनेंस टीम ने कुत्तों का टीकाकरण और पंजीकरण कराना अनिवार्य कर दिया है। कुत्ते मालिकों को पंजीकरण की कॉपी सोसायटी के रिकॉर्ड में भी जमा करनी है। इसके चलते लोग कुत्तों का पंजीकरण करा रहे हैं और इसकी प्रति एओए को भी दे रहे हैं।
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नगर निगम की आमदनी भी बढ़ी
पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी डॉ. अनुज सिंह ने बताया कि बीते साल कुत्तों के पंजीकरण से नगर निगम ने पूरे वित्तीय वर्ष में महज 7.18 लाख रुपये की आमदनी की थी। इस साल नगर निगम को अभी तक 10.65 लाख रुपये का राजस्व मिल चुका है। ज्यादा से ज्यादा लोग अपने कुत्तों का पंजीकरण करा सके, इसीलिए इस साल पंजीकरण का शुल्क एक हजार से घटाकर महज 200 रुपये सालाना कर दिया गया है। नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि लोगों में जागरूकता बढ़ी है।
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