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निर्माण कम दिखाया, 30 संपत्तियों के खरीदारों ने की 70 लाख की स्टांप चोरी

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निर्माण कम दिखाया, 30 संपत्तियों के खरीदारों ने की 70 लाख की स्टांप चोरी
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गाजियाबाद। महंगी संपत्ति भले ही खरीद लें, लेकिन लोग सरकार को स्टांप शुल्क चुकाना नहीं चाहते। गाजियाबाद में स्टांप चोरी के मामले लगातार बढ़े हैं। अफसरों ने पंजीकृत कराई गईं संपत्तियों का निरीक्षण किया तो 30 मामले ऐसे पकड़े गए, जिनमें तकरीबन 70 लाख की स्टांप चोरी की गई है। स्टांप चोरी के लिए सभी ने अलग-अलग हथकंडे अपनाए हैं। ज्यादातर मामलों में निर्माण कम दर्शाया गया है।
स्टांप विभाग में हर महीने होने वाली संपत्तियों की रजिस्ट्री का सब-रजिस्ट्रार, एआईजी स्टांप, एडीएम वित्त एवं राजस्व और डीएम के स्तर पर औचक निरीक्षण किया जाता है। बीते महीने हुई रजिस्ट्री को लेकर एआईजी स्टांप केके मिश्रा ने करीब 70 से ज्यादा संपत्तियों का निरीक्षण किया। इनमें 30 संपत्तियां ऐसी मिलीं जिनमें स्टांप चोरी की गई थी। इनमें से तीन संपत्तियों के मालिकों ने 22 लाख रुपये का घोटाला किया है। इनके अलावा 27 अन्य संपत्तियों के मालिकों ने स्टांप शुल्क में करीब 48 लाख का फर्जीवाड़ा किया है। अब एआईजी स्टांप ने स्टांप शुल्क की चोरी करने वाले इन 30 संपत्तियों के मालिकों को नोटिस भेजे हैं। इनके खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है।
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अलग-अलग हैं स्टांप चोरी के तरीके
एआईजी स्टांप केके मिश्रा ने बताया कि मेरठ रोड स्थित नीमा इंडस्ट्रीज के प्रबंधन ने संपत्ति की रजिस्ट्री कराई, लेकिन इसमें 412 वर्गमीटर निर्माण नहीं दर्शाया गया। सर्किल रेट के अनुसार उन्होंने 11.49 लाख रुपये स्टांप शुल्क और निबंधन शुल्क की चोरी की है। अतिरिक्त निर्माण को छुपाकर स्टांप शुल्क कम दिया गया है। विक्रम एंकलेव में कबाड़ गोदाम को दो हिस्सों में दर्शाकर रजिस्ट्री कराई गई है। इस गोदाम की व्यावसायिक दरों पर रजिस्ट्री कराई जानी चाहिए थी, लेकिन संपत्ति खरीदार ने इसे आवासीय दर्शाकर स्टांप चोरी की है। कौशांबी में एक संपत्ति का निर्माण कम दर्शाकर 1.61 लाख रुपये स्टांप शुल्क की चोरी की गई है। इनके अलावा मेरठ रोड, पसौंडा, वैशाली में भी कई ऐसे मामले पकड़ में आए हैं।
स्टांप कमी की पूर्ति के साथ जुर्माना भी लगेगा
एआईजी स्टांप ने बताया कि स्टांप चोरी करने वाले सभी संपत्ति खरीदारों को नोटिस जारी कर दिए गए हैं। उनके खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। संपत्ति खरीदारों को स्टांप शुल्क की पूर्ति करने के साथ-साथ जुर्माना भी लगाया जाएगा। उन्होंने बताया कि अन्य सभी सब-रजिस्ट्रार के स्तर पर भी रजिस्ट्री के दस्तावेज लेकर औचक निरीक्षण किया जा रहा है।
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पहले भी आ चुके स्टांप चोरी के मामले
- सद्दीकनगर विकास नगर कॉलोनी में बिल्डिंग को खाली प्लॉट दर्शाकर 5.86 लाख के स्टांप शुल्क की चोरी।
- शिव विहार, पसौंडा में तीन मंजिल मकान को एक मंजिला दर्शाया, 21800 रुपये स्टांप चोरी मिली।
- शालीमार गार्डन मेन में चार मंजिला भवन को खाली प्लॉट दर्शाया
- हर्ष विहार फेज-2 में मकान को 41 वर्ग मीटर का खाली प्लॉट दिखाकर रजिस्ट्री कराई।
- शहीद नगर में 100 रुपये के स्टांप पर नोटरी कराकर कई मकान और फ्लैट बेचे।
संदेह होने पर संपत्तियों का औचक निरीक्षण किया गया। 30 प्रकरण ऐसे मिले हैं, जिनमें स्टांप शुल्क कम चुकाया गया है। सभी मामलों में नोटिस जारी कर कार्रवाई की जा रही है। - केके मिश्रा, एआईजी स्टांप
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