एलआर कॉलेज के इलेक्ट्रिशियन की आत्महत्या में प्रधान लिपिक को भेजा जेल
गाजियाबाद। एलआर पीजी कॉलेज में कार्यरत इलेक्ट्रिशियन की आत्महत्या के पांच साल बाद आरोपी कॉलेज के प्रधान लिपिक भूदेव शर्मा को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट ने जेल भेज दिया। आत्महत्या के लिए उकसाने के दूसरे आरोपी व कॉलेज के तत्कालीन प्राचार्य एसडी कौशिक के खिलाफ अदालत ने गैर जमानती वारंट जारी किया है। गिरफ्तारी से बचने के लिए तत्कालीन प्राचार्य ने हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत अर्जी दायर की है। उस पर बुधवार को सुनवाई होगी। प्रधान लिपिक भूदेव शर्मा ने अदालत में जमानत अर्जी पेश की, जिस पर सुनवाई के लिए 29 नवंबर की तारीख लगी है।
पुलिस ने दो बार लगाई एफ आर, हाईकोर्ट के आदेश पर दर्ज हुआ परिवाद
आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में साहिबाबाद पुलिस ने अंतिम रिपोर्ट (एफ आर) लगाकर दोनों आरोपियों को क्लीन चिट दे दी थी। मृतक की पत्नी गीता देवी ने जांच से संतुष्ट न होने पर अदालत में प्रार्थना पत्र पेश किया, इसके बाद दोबारा विवेचना हुई। दूसरी बार भी साहिबाबाद थाने की पुलिस ने आरोपियों से साठगांठ करते एफ आर लगा दी। गीता ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। हाईकोर्ट ने गाजियाबाद अदालत में परिवाद दर्ज कर मुकदमा चलाने के आदेश दिए। इसके बाद गाजियाबाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में परिवाद दर्ज होने पर आरोपियों ने अग्रिम जमानत अर्जी दायर की, जिसे सुनवाई के बाद जनपद न्यायाधीश जितेंद्र कुमार सिन्हा की अदालत ने 28 जून को खारिज कर दिया।
मानसिक रूप से प्रताड़ित होकर कर ली थी आत्महत्या
एलआर पीजी कॉलेज में रणजीत कुमार झा इलेक्ट्रिशियन थे। आरोप है कि तत्कालीन प्राचार्य एसडी कौशिक उनसे अपने घर में झाड़ू-पोंछा का काम कराते थे। विरोध करने पर मानसिक उत्पीड़न कर चोरी के आरोप में जेल भिजवाने की धमकी देते थे। एसडी कौशिक के कार्य में प्रधान लिपिक भूदेव शर्मा भी शामिल था। मानसिक उत्पीड़न से परेशान होकर रणजीत कुमार झा ने दो सितंबर 2016 को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। मृतक की जेब से एक सुसाइड नोट मिला था, जिसमें आत्महत्या के लिए तत्कालीन प्राचार्य और प्रधान लिपिक को दोषी बताया था।