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सिफ एलएलबी की फीस घटाने पर राजी हुआ एमएमएच कॉलेज प्रबंधन

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सिफ एलएलबी की फीस घटाने पर राजी हुआ एमएमएच कॉलेज प्रबंधन
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गाजियाबाद। एमएमएच डिग्री कॉलेज प्रबंधन एलएलबी की बढ़ी हुई फीस घटाने पर तो राजी हो गया, लेकिन बीए ,बीकॉम, बीएससी और एमए की फीस पर फिर से विचार करने से साफ इनकार कर दिया है। एलएलबी की फीस 98 फीसदी तक बढ़ा दी गई थी। इसका ही सबसे ज्यादा विरोध हुआ। इसे कम करने के लिए सोमवार को कमेटी का गठन कर दिया गया। कमेटी नई फीस तय करने से पहले छात्रों से भी बात करेगी।
फीस बढ़ोतरी के खिलाफ सोमवार को छात्र संगठन भारतीय क्रांतिकारी समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय गांधी, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष अमन नागर, छात्र नेता रोहित सिंह बसोया और किसान सेना के पदाधिकारियों ने प्राचार्य डॉॅ. पीयूष चौहान को ज्ञापन सौंपा। छात्र संगठनों की मांग पर विचार करने के बाद हुई बैठक में एलएलबी की फीस, यूनिफार्म पर निर्णय लिया गया। भारतीय क्रांतिकारी समिति के संजय गांधी ने बताया कि कॉलेज प्रशासन ने एलएलबी फीस कम करने की कार्रवाई शुरू करने के साथ बीए, बीकॉम व बीएससी की फीस बढ़ाने संबंधी दस्तावेज सौंपे हैं।
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एमएमएच कॉलेज प्राचार्य डॉ. पीयूष चौहान का कहना है कि नई शिक्षा नीति के प्रावधानों के तहत बीए, बीकॉम और बीएससी की फीस बढ़ाई गई है। विश्वविद्यालय के अनुमोदन के बाद फीस में बढ़ोतरी की गई है। ऐसे में इन स्नातक पाठ्यक्रमों की फीस कम नहीं होगी। एलएलबी की नई फीस तय करने के लिए कमेटी गठित की गई है। विद्यार्थियों के सुझाव को शामिल करते हुए नई फीस की घोषणा की जाएगी। दस्तावेज में नियम विरुद्ध फीस वृद्धि पाई जाती है तो फिर से आंदोलन तेज किया जाएगा।
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तय की गई यूनिफॉर्म
कॉलेज में बीए, बीकॉम, बीएससी, एमए पाठ्यक्रमों के साथ एलएलबी विद्यार्थियों की एक समान काली पैंट यूनिफार्म में रहेगी। वहीं एलएलबी को छोड़कर बाकी स्नातक व परास्नातक पाठ्यक्रम में विद्यार्थियों की शर्ट आसमानी नीले रंगे की होगी।
फीस वृद्धि
बीए प्रथम वर्ष - 72 फीसदी
बीकॉम प्रथम वर्ष - 80 फीसदी
बीएससी प्रथम वर्ष - 61 फीसदी
एमए -27 फीसदी
एलएलबी - 98 फीसदी
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