जहां-जहां पड़ेगी सीएम की नजर, बस वहीं-वहीं चमका रहे शहर
गाजियाबाद। 27 अगस्त को शहर के दौरे पर आ रहे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को विकास कार्य दिखाने के लिए सरकारी अमला जुट गया है। तैयारी इस तरह की जा रही है कि मुख्यमंत्री को सब चकाचक नजर आए। उनके संभावित रूट को दिन-रात चमकाया जा रहा है। इस रूट पर दो दिन पहले तक कई जगह गंदगी के ढेर थे। उन्हें हटाकर रातोंरात पौधे लगा दिए गए। सीएम को यह हरियाली ही नजर आएगी। सड़क को शानदार बना दिया है, डिवाइर पर रंगाई-पुताई चल रही है। बाकी शहर में डिवाइडर टूटे पड़े हैं, गड्ढे तक भरे नहीं जा रहे। देखना यह है कि मुख्यमंत्री वही देखते हैं जो अफसर दिखाना चाह रहे हैं या फिर हकीकत से रूबरू होने के लिए शहर के उन हिस्सों में भी जाते हैं जहां तैयारियां नहीं का जा रहीं।
पांच साल बाद हुई ग्रीन बेल्ट की सफाई
मुख्यमंत्री डासना में निर्माणाधीन पीएम आवासों का निरीक्षण करने जा सकते हैं। इसके लिए जीडीए ने राजनगर फाटक से लेकर डासना फ्लाईओवर तक पूरी ग्रीन बेल्ट की सफाई करा दी। पांच साल से इसकी सफाई नहीं हुई थी। डासना पुल के पास लगे रहने वाले कचरे के ढेर को हटाकर नई ग्रीन बेल्ट विकसित करा दी गई।
दूसरी ग्रीन बेल्ट शहर की सबसे पॉश कॉलोनी राजनगर की है। यह करीब एक साल से बदहाल है।
रूट के गड्ढे भरवाए
राजनगर एक्सटेंशन और हापुड़ चुंगी से लेकर डासना फ्लाईओवर तक हापुड़ रोड पर हुए गड्ढों को भरवा दिया गया है। बृहस्पतिवार को भी यहां पीडब्ल्यूडी की टीम गड्ढे भरती नजर आई, ताकि सीएम के सफर में बाधा न हो।
विजयनगर, वसुंधरा, बुलंदशहर रोड औद्योगिक क्षेत्र में बारिश के बाद सड़कों में गहरे गड्ढे हो गए हैं। यहां से वाहनों का गुजरना दूभर हो गया है।
डिवाइडर भी चमकाया
मुख्यमंत्री कलक्ट्रेट के सामने से होते हुए संयुक्त जिला अस्पताल का निरीक्षण कर सकते हैं। इसी रूट से वह डासना में निरीक्षण करने जा सकते हैं। इसके चलते कलक्ट्रेट के सामने ठीक ठाक डिवाइडर को दोबारा मरम्मत कराकर उस पर रंग करा दिया गया है, ताकि सीएम को देखने में सुंदर लगे।
वहीं गोविंदपुरम के सामने का डिवाइडर लंबे समय से क्षतिग्रस्त है। बड़े वाहनों की साइड लगने से यह डिवाइडर अब मलबे में तब्दील हो गया है, लेकिन इसकी मरम्मत नहीं कराई गई।
मरीजों से खाली कर ट्रॉमा सेंटर की हुई सफाई
मुख्यमंत्री के निरीक्षण के लिए बृहस्पतिवार को संयुक्त जिला अस्पताल और जिला एमएमजी अस्पताल को तैयार किया गया। आम दिनों में यहां गंदगी और बदइंतजामी से मरीजों को जूझना पड़ता है, लेकिन बृहस्पतिवार को ट्रॉमा सेंटर की धुलाई कराई गई। एमएमजी अस्पताल में इमरजेंसी स्ट्रेचर की सफाई करने की वजह से यह मरीजों को नहीं मिल पाई। परिजन अपने मरीजों को गोद में लेकर अस्पताल के अंदर पहुंचे।
संयुक्त जिला अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में बुखार वार्ड को बिल्कुल खाली कराकर सफाई कराई गई। इमरजेंसी वार्ड में मरीजों को बेड पर बैठा दिया गया और फर्श की धुलाई की गई। साफ-सफाई और धुलाई के लिए की गई इस उठापठक से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा लेकिन मामला मुख्यमंत्री से जुड़ा था, सो वह चुप रहे। अस्पताल की दीवारों की दरारों को वॉल पुट्टी से भरकर पुताई कराई गई। जहां-तहां उखड़े हुए बिजली के बोर्ड की भी मरम्मत कराकर नई लाइटें लगाई गईं। एमएमजी अस्पताल में नए बेड, स्ट्रेचर, व्हील चेयर, नई चादरें बिछाई गईं।