पुराने रेलवे स्टेशन पर ढाई साल बाद फिर से एटीवीएम (ऑटोमेटिक टिकट वेंडिग मशीन) शुरू होगी। व्यवस्था शुरू होने के बाद लोगों को टिकट लेने के लिए लाइन में न लगने से समय बचेगा। सुविधा की शुरुआत होने पर रेलवे के सेवानिवृत्त कर्मचारियों का रोजगार भी फिर से शुरू हो सकेगा, क्योंकि सेवानिवृत्त अधिकारियों को टिकट देने के लिए रेलवे की तरफ से अधिकृत किया गया था।
गाजियाबाद रेलवे स्टेशन से एक दिन में दो लाख से अधिक लोगों को आवागमन में होता है। इनमें से लंबी दूरी वाले रिजर्वेशन कराते हैं और नियमित चलने वाले अधिकांश लोग मासिक पास का प्रयोग करते हैं, इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोगों को टिकट के लिए लंबी लाइन में लगना पड़ता है। यात्रियों की सुविधा के लिए हर स्टेशन पर ऑटोमेटिक वेडिंग मशीन लगाई गई थी। कोई भी यात्री एटीएम की तरह अपना कार्ड इस्तेमाल कर सामान्य टिकट ले सकता था।
इन मशीनों से टिकट जारी करने का लाइसेंस सेवानिवृत्त रेलवे कर्मचारियों को दिया गया है। कर्मचारी मशीन पर खड़े होकर अपने कार्ड के जरिये यात्रियों को दूरी के अनुसार टिकट निकालकर देते हैं। रेलवे इसके लिए उनके जारी टिकट के अनुसार कमीशन देती है।