शहर में स्मार्ट पार्किंग बनाने का रास्ता साफ, शासन से मिली मंजूरी
गाजियाबाद। शहर में स्मार्ट पार्किंग विकसित करने का रास्ता साफ हो गया है। पार्षदों के विरोध की वजह से नगर निगम सदन में निरस्त हो चुके इस प्रस्ताव पर नगर विकास विभाग ने सहमति दे दी है। अब नगर निगम के अधिकारी स्मार्ट पार्किंग विकसित करने की योजना का खाका तैयार कर जल्द ही इसे लागू करेंगे। इसके लिए टेंडर जारी किए जाएंगे।
शहर में जिस तेजी से आबादी बढ़ी है, उसी तेजी से वाहनों की संख्या बढ़ी है। इसको देखते हुए नगर आयुक्त महेंद्र सिंह ने शहर में मोबाइल एप आधारित स्मार्ट पार्किंग सिस्टम विकसित करने और प्रति घंटे के हिसाब से शुल्क वसूलने का प्रस्ताव तैयार कराकर बोर्ड बैठक में पेश किया था। इस प्रस्ताव में पार्किंग का ठेका लेने वाली फर्म को नो पार्किंग एरिया में खड़े होने वाले वाहनों को जब्त कर उनसे जुर्माना वसूलने का अधिकार भी दिए जाने की शर्त भी थी। दिल्ली और अन्य बड़े शहरों की तर्ज पर पार्किंग ठेका दिए जाने के इस प्रस्ताव का निगम सदन में विपक्ष समेत सत्तादल के पार्षदों ने विरोध कर दिया। पार्षदों के विरोध की वजह से बहुमत से यह खारिज हो गया तो नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर ने इसे नगर विकास विभाग के पास भेज दिया था। निगम सदन के विरोध से भी नगर विकास विभाग के प्रमुख सचिव को अवगत करा दिया गया था। अब इस पर मंथन के बाद नगर विकास विभाग की ओर से इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है।
एप से पता चलेगा कि पार्किंग में जगह मिलेगी या नहीं
स्मार्ट पार्किंग विकसित होने के बाद शहर के लोगों को मोबाइल एप के माध्यम से पता चल जाएगा कि जिस जगह पर वह जाना चाहते हैं, वहां उनके वाहन के लिए पार्किंग में जगह उपलब्ध है या नहीं। इसके आधार पर लोग तय कर सकेंगे कि उन्हें वाहन लेकर जाना है या नहीं।
ओवर चार्जिंग पर भी लगेगी रोक
नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि स्मार्ट पार्किंग बनने पर सभी स्टैंड पर बिलिंग के लिए मशीनें लगाई जाएंगी। पार्किंग स्टैंड संचालक निर्धारित दरों से ज्यादा वसूली नहीं कर पाएगा। मशीन में वाहन खड़ा करने का समय और वापस ले जाने का समय भी दर्ज हो जाएगा। जितने घंटे वाहन की पार्किंग की जाएगी, उतने ही घंटे के लिए शुल्क देना होगा।
नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर का कहना है कि स्मार्ट पार्किंग के प्रस्ताव पर शासन ने सहमति दे दी है। जल्द ही इसके संबंध में नगर विकास विभाग से आदेश मिल जाएंगे। इसके बाद प्रस्ताव को लागू करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।