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32 दिन की सुनवाई में दुष्कर्मी को 20 साल का कारावास

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32 दिन की सुनवाई में दुष्कर्मी को 20 साल का कारावास
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गाजियाबाद। दुष्कर्म के आरोपी बिहार के खगड़िया जिला निवासी दिलशाद को विशेष पॉक्सो अदालत ने दोषी मानते हुए महज 32 दिन की सुनवाई के अंदर के अंदर 20 साल के कारावास की सजा सुनाई है। अदालत के विशेष न्यायाधीश हर्षवर्धन ने दोषी पर 25500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। खास बात यह है कि चिकित्सकीय परीक्षण में दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई लेकिन पीड़िता के कपड़े पर मिले दोषी के बाल का मिलान डीएनए जांच में होने पर अदालत ने सजा सुनाई है।
पॉक्सो कोर्ट के विशेष लोक अभियोजक हरीश कुमार ने बताया कि विजय नगर थाने में 22 अप्रैल 2022 को एक महिला ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। महिला ने बताया था कि उसके कमरे के नीचे वाले कमरे में दिलशाद अपने रिश्तेदार के घर रहने आया था। उसने महिला के बेटे को पकड़ लिया था, जिसे छुड़ाने गई बेटी के साथ दुष्कर्म किया। मामले की विवेचना तत्कालीन सीओ प्रथम स्वतंत्र कुमार सिंह ने की थी। उन्होंने 24 घंटे के भीतर दिलशाद को गिरफ्तार किया था। घटनास्थल से साक्ष्यों को एकत्र कर पीड़िता और अभियुक्त का डीएनए प्रोफाइल तैयार कर विधि विज्ञान प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा। इसके बाद छह जून को आरोप पत्र अदालत में पेश कर दिया। पाक्सो कोर्ट में एक जुलाई से सुनवाई शुरू हुई। पांच अगस्त तक दस गवाहों के बयान दर्ज हो चुके थे। आठ अगस्त को आरोपी को दोषी करार देते हुए अदालत ने 11 अगस्त को फैसला सुनाया। बचाव पक्ष की तरफ से दो गवाह पेश किए गए थे।
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15 दिन में पुलिस ने दाखिल की चार्जशीट
22 अप्रैल को हुई घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 15 दिन में चार्जशीट कोर्ट में पेश कर दी। कोर्ट ने भी इसकी सराहना की है। वहीं, मामले का विचारण जल्द शुरू हो इसके लिए तत्कालीन सीओ प्रथम स्वतंत्र कुमार सिंह ने एकत्र किए गए साक्ष्यों का परीक्षण जल्द कराने के लिए चार बार निवाड़ी स्थित विधि विज्ञान प्रयोगशाला के डायरेक्टर से अनुरोध किया था।
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राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण भी देगी प्रतिपूर्ति
अदालत ने राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण पीड़िता को पीड़िता को 25000 रुपये प्रदान करने का आदेश दिया है। अदालत ने कहा कि मानसिक व शारीरिक आघात के रूप में जिलाधिकारी पीड़िता को प्रतिपूर्ति के रूप में यह धनराशि दिलाएं। अगर यह व्यवस्था जिला स्तर पर नहीं है तो राज्य सरकार से प्रतिकर दिलाया जाए।
यह रहा घटनाक्रम
घटना दिनांक - 22 अप्रैल 2022
रिपोर्ट दर्ज - 22 अप्रैल 2022
आरोप पत्र पेश - 6 जून 2022
अदालत में सुनवाई शुरू - एक जुलाई
गवाही शुरू हुई - पांच जुलाई
सुनवाई पूरी फैसला सुरक्षित - 8 अगस्त
फैसला सुनवाई - 11 अगस्त
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