पाक्सो कोर्ट के विशेष लोक अभियोजक हरीश कुमार ने बताया कि इंदिरापुरम थानाक्षेत्र के एक मोहल्ले में पांच वर्षीय बच्ची परिवार के साथ रहती थी। उनके मकान में किराये पर रहने वाले अफरोज ने 31 मार्च 2017 को घर के बाहर खेल रही बच्ची से पानी मांगा। अफरोज के साथ दो अन्य व्यक्ति भी थे। पानी देने गई बच्ची, वापस लौटकर नहीं आई। बाद में परिजनों ने तलाश किया और पुलिस को सूचना दी। पुलिस की मदद से खोज करने पर पास में ही निर्माणाधीन मकान की टांड़ पर बच्ची का शव मिला।
अस्पताल ले जाने पर पता चला कि बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई थी। मृतका के पिता की शिकायत पर पुलिस ने किरायेदार अफरोज के खिलाफ दुष्कर्म, हत्या, साक्ष्य मिटाने व पाक्सो एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज किया था। कुछ दिन बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा। एक जुलाई 2017 को पुलिस ने उसके खिलाफ आरोप पत्र पेश किया। मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट हर्षवर्द्धन की अदालत में चल रही थी।