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Ghaziabad: पत्नी के हत्यारे को आजीवन कारावास की सजा, सात साल सलाखों के पीछे रहेगा ससुर और ननद

Sat, 30 Jul 2022 01:33 AM IST
गाजियाबाद ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद

सार

बेटी का घर बसाने के लिए एक बार मायके वालों ने दहेज भी दिया, लेकिन उनकी मांग लगातार बढ़ती जा रही थी। मांग पूरी न होने पर रोशनजहां से अभद्रता व मारपीट करते थे।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर विवाहिता की हत्या करने वाले दोषी पति को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम रामचंद्र यादव ने दोषी ससुर व ननद को सात-सात वर्ष की सजा सुनाई है। अदालत ने पति पर तीन हजार, ससुर व ननद पर दो-दो हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।

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जिला शासकीय अधिवक्ता राजेश चंद शर्मा ने बताया कि दिल्ली निवासी अब्दुल रहमान ने बेटी रोशनजहां की शादी लोनी स्थित इंदिरा कॉलोनी में रहने वाले शाहरुख से वर्ष 2005 में की थी। शादी के बाद से ही ससुराल वालों ने दहेज की मांग शुरू कर दी थी।

21 अप्रैल 2011 की रात ससुराल वालों ने पेट्रोल डालकर रोशनजहां को आग लगा दी। गंभीर रूप से झुलसी रोशन को दिल्ली स्थित जीटीबी अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
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मृतका के पिता अब्दुल ने पति शाहरुख, ससुर मोहम्मद रईस व ननद शबाना समेत अन्य सुसराल वालों के खिलाफ दहेज हत्या पूरा न किए जाने पर हत्या करने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई। कुछ दिन बाद पुलिस ने इन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इस मामले में अदालत में नौ गवाह पेश किए गए थे।

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