प्रोफेसर, डॉक्टर और इंजीनियर बन देश सेवा का है सपना
गाजियाबाद। आईसीएसई में जनपद टॉप का मान बढ़ाने वाली मेधावी छात्राओं का सपना डॉक्टर, इंजीनियर, प्रोफेसर और मनोचिकित्सक बनकर देश सेवा करने का है। टॉप तीन में जगह बनाने वाली सभी छह मेधावी छात्राओं ने बगैर ट्यूशन और घर पर नियमित की गई पढ़ाई से सफलता हासिल की। अब सभी छात्राएं अगले लक्ष्य को हासिल करने में जुट गई हैं।
बगैर ट्यूशन के तनीषा बनी जिला टॉपर
स्वर्णजयंती पुरम निवासी तनीषा सांगवान ने बगैर ट्यूशन और नियमित पढ़ाई के बल पर आईसीएसई में 98.8 फीसदी अंक लाकर जिला टॉप किया। सेंट पॉल स्कूल राजनगर की छात्रा तनीषा का सपना कंप्यूटर साइंस से बीटेक की डिग्री हासिल करने के बाद सफल सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनने का है। तनिषा के पिता राजकुमार सांगवान प्राइवेट सेक्टर में कार्यरत हैं, जबकि मां संजोगी सांगवान गृहणी हैं। छोटा भाई देव सांगवान आठवीं कक्षा का छात्र है। तनीषा ने बताया कि उन्हें 98 फीसदी अंक आने की तो उम्मीद थी, लेकिन जिला टॉपर बनकर खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने बताया कि बिना ट्यूशन केलिए उन्होंने पूरी पढ़ाई की। लॉकडाउन और उसके बाद तक ऑनलाइन कक्षाओं में शिक्षकों ने जो पढ़ाया उसके नोट्स बनाकर बार-बार रिवीजन किया। प्रतिशत चार से पांच घंटे नियमित पढ़ाई की। बीते साल के पेपरों की मदद से भी प्रैक्टिस की। किताबों को पढ़ने और गाने सुनकर पढ़ाई के तनाव को कम किया। सोशल मीडिया पर समय जाया होने के कारण उससे दूरी बनाकर रखी। आईआईटी में प्रवेश केलिए जेईई की तैयारी शुरू कर दी है। उन्होंने सफलता का श्रेय अपने अभिभावकों व शिक्षकों को दिया।
डॉक्टर बनने की है ऋषिका की ख्वाहिश
आईसीएसई में 98.8 फीसदी अंक लाकर टॉप करने वाली होली ऐंजल्स स्कूल की छात्रा ऋषिका की ख्वाहिश डॉक्टर बनने की है। राजेंद्र नगर सेक्टर तीन निवासी ऋषिका जैन के पिता अभिषेक जैन कारोबारी और उनकी माता श्रेया जैन गृहणी हैं। वह अपने माता पिता की इकलौती संतान हैं। ट्यूशन को छोड़कर उन्होंनेे नियमित ऑनलाइन कक्षाएं लीं। घर पर रोजाना पांच घंटे नियमित पढ़ाई को सफलता का आधार बताया। परीक्षा के करीब आने से छह माह पहले उन्होंने सोशल मीडिया से पूरी तरह से किनारा कर लिया। उन्होंने कहा कि बोर्ड रिजल्ट में अच्छे प्रदर्शन की पूरी उम्मीद थी, लेकिन टॉप करूंगी इसका सोचा नहीं था। ऋषिका को डांस व पेटिंग करने का शौक है।
मनोचिकित्सक बनना चाहती हैं बाकुल
आईसीएसई में 98.6 फीसदी अंक लाकर जनपद में दूसरा स्थान पाने वाली होली ऐंजल्स स्कूल की बाकुल अत्री सफल मनोचिकित्सक बनना चाहती हैं। मोहननगर के मोहन मिकिंस परिसर में रहने वाली बाकुल के पिता दीपक शर्मा कंपनी में क्लर्क के पद पर कार्यरत हैं। माता गीता शर्मा स्कूल में हिंदी अध्यापक हैं। मां के मार्गदर्शन में छोटे-छोटे लक्ष्य बनाकर कोर्स को खत्म करने के बाद रिवीजन किया। पेपर से एक माह पहले मोबाइल से सोशल मीडिया से पूरी तरह से किनारा कर लिया। वह मनोचिकित्सक बनकर इसी क्षेत्र में शोध कर यह जानने का अध्ययन करेगी कि मस्तिष्क कैसे काम करता है। उनको खाली समय में डांस करना व किताबें पढ़ने का शौक है।
प्रोफेसर बनने की दिशा में निष्ठा जैन ने बढ़ाया कदम
आईसीएसई के रिजल्ट में 98.4 फीसदी अंक हासिल कर जनपद में तीसरा स्थान पाने वाली निष्ठा जैन ने प्रोफेसर बनने के सपने को पूरा करने की दिशा में पहला कदम आगे बढ़ा दिया है। अवंतिका कालोनी निवासी निष्ठा के पिता मयंक जैन सॉफ्टवेयर इंजीनियर तो मां एकता जैन गृहणी हैं। बड़ी बहन महक एमबीबीएस छात्रा तो छोटा भाई पार्थ सिल्वरलाइन प्रैस्टीज स्कूल में दसवीं का छात्र है। निष्ठा ने दसवीं में प्रवेश लेते ही सोशल मीडिया से पूरी तरह से किनारा कर लिया। फिर बगैर ट्यूशन के रोजाना नियमित चार घंटे पढ़ाई की। विषय संबंधी किसी भी टॉपिक संबंधी दुविधाओं का शिक्षकों से समाधान पाया। निष्ठा को पेंटिंग का बहुत शोक है। ऐसे में खाली वक्त में पेंटिंग और नेटफिलिक्स पर वेब सीरीज से तनाव को दूर भगाया। कॉलेज में प्रोफेसर मौसी से प्रेरणा लेकर उनका सपना सफल प्रो. बनने का है। वह अपनी दादा शशि जैन की बहुत लाडली हैं।