चौकी के सामने कार में लगी भीषण आग खिड़की खोल पुलिसवालों ने बचाया परिवार
मोदीनगर। कस्बा पुलिस चौकी के सामने शुक्रवार रात करीब साढ़े दस बजे मेरठ के स्क्रैप कारोबारी की कार अचानक आग का गोला बन गई। इसकी लपटों में कारोबारी और उनका परिवार बुरी तरह से फंस गया। उनकी चीख-पुकार सुन चौकी के पुलिसवालों ने साहस दिखाते हुए कार का गेट खोल दिया, जिससे लोग निकल आए और उनकी जान बच गई। दूसरी ओर, आग को देख जुटे राहगीर मदद करने के बजाय मोबाइल से वीडियो ही बनाते रहे।
मेरठ के नौचंदी स्थित करीम नगर कॉलोनी निवासी इलियास अपनी पत्नी जुबेदा, बेटे साहिल, साहिब और बेटी निशा के साथ मुरादनगर से शादी से घर लौट रहे थे। मोदीनगर में पहुंचते ही कार में धुआं उठने लगा। वे कुछ समझ पाते, इससे पहले ही आग लग गई। उन्हें निकलने का मौका ही नहीं मिला और आग तेजी से फैल गई। गेट खोलने की कोशिश की लेकिन ये लॉक हो चुके थे। अब आग कार को बाहर से घेर चुकी थी और अंदर से निकलने का कोई रास्ता नहीं था।
पूरा परिवार जोर से चिल्ला रहा था। आवाज सुन चौकी प्रभारी महेंद्र सिंह बाहर आए। उन्होंने तीन-चार सिपाही और बुलाए। कार में फंसे लोगों से खिड़की खोलने के लिए कहा लेकिन जब ये नहीं खुलीं तो वे पेचकस, सरिया ले आए। इनकी मदद से आग के बीच खिड़कियों को खोला। इसके बाद परिवार के लोग एक-एक करके बाहर आए और उनकी जान में जान आई। थोड़ी देर में दमकल आ गई लेकिन तब तक पूरी कार जल चुकी थी। इसमें सीएनजी किट लगी थी। आग बहुत तेजी से फैली। दमकल ने थोड़ी ही देर में आग को बुझा दिया। इसके बाद कारोबारी ने दूसरी कार का इंतजाम किया और मेरठ के लिए रवाना हुए।
पुलिसवाले न आते तो हम जिंदा न बचते
इलियास ने कहा कि अगर पुलिसवाले मदद के लिए न आते तो उनका जीवित बचना मुश्किल था। कार से निकलने का कोई रास्ता ही नहीं था। अंदर दम घुटे जा रहा था। बच्चों की हालत बिगड़ गई थी। सब चिल्ला रहे थे और ऊपर वाले को याद कर रहे थे। तभी पुलिसवाले आ गए।
तमाशबीनों की भीड़ से लगा जाम
कार में आग लगने और पूरे परिवार के फंसे होने का पता चलने पर आसपास के लोग भी आ गए। सभी मोबाइल से वीडियो बनाते रहे। मदद के लिए कोई भी आगे नहीं आया। लोग इतनी संख्या में आ गए कि मेरठ की तरफ वाले रास्ते पर ट्रैफिक जाम हो गया। पुलिस को इसे खुलवाने में मशक्कत करनी पड़ी।